मुंबई पुलिस ने ट्वीट किया. कहा त्योहार होते हैं खुशी बांटने के लिए न कि डर फैलाने के लिए. एक फन्ने खां आ गए. 84 में कहां थे टाइप. जिनके लॉजिक हैं कि बकरीद में बकरा कटने पर कुछ नहीं कहते हो लेकिन दिवाली में पटाखे छोड़ने पे काहे ज्ञान बांटते हो? ऐसे ही एक भलेमानुस आये. कहिन कि पुलिस लॉ ऐंड ऑर्डर मेन्टेन करने के लिए होती है. न कि ज्ञान बांटने के लिए. इसलिए अपने काम पे ध्यान दो.
पुलिस ने जो ट्वीट दागा, साहबजादे की चोक ले गयी होगी. एकदम सुट्ट मार गयी होगी. रिप्लाई नहीं आया. पुलिस ने 140 से कम कैरेक्टर में समझा दिया कि बेटा जो बात है वो बात है. ज़्यादा शोर वाले पटाखे छोड़ने पर जेल हो जाएगी.

Image: Unofficial: Subramanian Swamy










