WHO की तरफ से मंकीपॉक्स (Monkeypox) को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी (Global Health Emergency) घोषित करते ही देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में इस बीमारी का पहला केस मिला है. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 34 साल के संक्रमित व्यक्ति की कोई ट्रैवेल हिस्ट्री भी नहीं है. संक्रमित को बुखार और स्किन पर छाले होने के बाद मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. भारत में इससे पहले मंकीपॉक्स को तीन और मामले सामने आ चुके हैं. तीनों मामले केरल में ही मिले थे.
दिल्ली में आया मंकीपॉक्स का पहला केस, एक पार्टी में शामिल हुआ था मरीज
मरीज की कोई ट्रैवेल हिस्ट्री नहीं मिली है. WHO ने 23 जुलाई को मंकीपॉक्स को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया था.


टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, संक्रमित ने हाल ही में हिमाचल प्रदेश के मनाली में एक पार्टी अटेंड की थी. मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने पर करीब तीन दिन पहले उन्हें मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद उनका सैंपल 23 जुलाई को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) पुणे भेजे गया, जहां से रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. फिलहाल संक्रमित की कॉटेक्ट ट्रेसिंग की जा रही है.
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मंकीपॉक्स पर WHO क्या बोला?इससे पहले 23 जुलाई को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंकीपॉक्स को वैश्विक हेल्थ इमरजेंसी घोषित (Global Public Health Emergency) कर दिया. WHO के चीफ टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया,
'75 देशों में 16,000 से ज्यादा मामले रिपोर्ट किए गए हैं. दुनियाभर में फैलते मंकीपॉक्स के प्रकोप के मद्देनजर, मैंने इमरजेंसी कमेटी का दोबारा से गठन किया है. अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम मानदंड को ध्यान में रखते हुए मैंने इस प्रकोप को ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने का निर्णय लिया है.'
ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी को सरल भाषा में समझें, तो दुनिया भर में मंकीपॉक्स की वजह से आपात स्थिति पैदा हो गई है. दो साल में ऐसा दूसरी बार हुआ है, जब WHO ने किसी बीमारी को हेल्थ इमरजेंसी की श्रेणी में रखा हो. इससे पहले कोरोना के चलते हेल्थ इमरजेंसी घोषित करनी पड़ी थी. वहीं अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सेंटर्स फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के आंकड़ों के मुताबिक, 22 जुलाई, 2022 तक मंकीपॉक्स के सबसे ज्यादा केस स्पेन में हैं. साथ ही दुनियाभर में 11 देश ऐसे हैं, जहां मंकीपॉक्स के 100 से ज्यादा मामले आ चुके हैं.
संक्रमित लोगों को सरकार की सलाह?- जिन लोगों में संक्रमण के लक्षण हैं या संक्रमित हैं, उन्हें आइसोलेट रहना चाहिए.
- गर्भवती महिलाओं, बच्चों और कमजोर इम्युनिटी के लोगों से ऐसे मरीजों को नहीं मिलना चाहिए.
वीडियो- भारत में मंकीपॉक्स के दूसरे केस की पुष्टि, यूएई से लौटे व्यक्ति में मिला संक्रमण


















