मध्यप्रदेश के देवास में 42 दूल्हे सामूहिक विवाह करने पहुंचे थे. परिवार के भी दो-तीन लोग साथ थे. सभी खुश थे कि उनका विवाह हो जाएगा. कहा गया कि 24 मई को आपकी शादी होगी. दुल्हन भी वहीं होगी. सुबह से लेकर रात के 10 बजे तक इंतजार करते रहे. मगर दुल्हनें नहीं आईं. 42 में से एक भी दूल्हे की दुल्हन ने दर्शन नहीं दिए. बाद में पता लगा उनके साथ स्कैम हो गया है. शादी कराने के लिए उनसे 15 से 35 हजार रुपये तक लिए गए थे.
सामूहिक विवाह में पहुंचे 42 दूल्हे, एक की भी दुल्हन नहीं पहुंची, रात तक पता चला स्कैम है
MP Dewas Mass Marriage Scam:मामले में आरोपी विदिशा जिले के रहने वाले मुकेश दास बैरागी और उसके भाई दिनेश दास बैरागी को बताया गया है. उन्होंने ही शाजापुर, विदिशा, सीहोर और भोपाल सहित कई जिलों के युवकों को अनाथ आश्रम की लड़कियों से शादी कराने का झांसा दिया. इसके एवज में उनसे 15 हजार से 35 हजार रुपए रुपये लिए.


मामले में आरोपी विदिशा जिले के रहने वाले मुकेश दास बैरागी और उसके भाई दिनेश दास बैरागी को बताया गया है. उन्होंने ही शाजापुर, विदिशा, सीहोर और भोपाल सहित कई जिलों के युवकों को अनाथ आश्रम की लड़कियों से शादी कराने का झांसा दिया. इसके एवज में उनसे 15 हजार से 35 हजार रुपए रुपये लिए.
पीड़ितों से कहा गया कि 25 मई को आपकी शादी होगी, परिवार के कुछ सदस्यों के साथ आ जाना. आरोपियों के कहने पर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के कई युवा देवास पहुंच गए. कुछ एक दिन पहले और कुछ उसी दिन.
शादी के दिन सभी दूल्हे और उनके करीबी लोग सुबह से इंतजार करते रहे. लेकिन रात तक भी एक दुल्हन मंडप पर बैठने के लिए नहीं आई. एक भी दूल्हे की शादी नहीं रची. पीड़ित दिनेशदास बैरागी और उसकी पत्नी से बार-बार पूछते रहे कि दुल्हनें कहां हैं. कब तक आएंगी. लेकिन उन्होंने दावा किया कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं थी.
घटना के बाद मुकेश दास बैरागी ने इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार शकील खान को बताया,
42 जोड़ों से पैसे लिए. 20-20 हजार. भाई ने मेरे पास फोटो डाले. हमने भी चक्कर में आकर रिश्तेदारों से बात की थी. उन्होंने हम पर विश्वास किया. हमने हमारे भाई पर कर लिया. वो 6 बजे आए थे. फिर कहा मैडम आ रही है. मुझे कहा गया था कि इंदौर से अनाथ आश्रम से लड़कियां लाई जाएंगी.
पीड़ितों ने भी अपनी आपबीती बताई. बताया कि आरोपियों ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लड़कियों की तस्वीरें भी भेजी थीं. राहुल नाम के शख्स ने बताया,
इन्होंने (आरोपियों) ने माताजी टेकरी पर कहा था कि मैडम आ रही है. हम सुबह से परेशान हैं. हमने शिकायत कराई है. ये बहुत बड़ा स्कैम हुआ है. हमें हमारा पैसा चाहिए. हम लोग क्या मुंह लेकर घर जाएंगे, परसों हमारे यहां रिसेप्शन है.
एक पीड़ित माखन सिंह लाल ने बताया,
“हम विदिशा जिले से आए हैं. कहा गया था कि अनाथ आश्रम से शादी कराएंगे. फिर पता लगा फ्रॉड है. हम 3 जोड़े थे. परिवार से नहीं मिले. सब फोन पर फोटो दिखाया था. डायरेक्ट बात हुई थी. 35-35 हजार में शादी कराने की बात कही. अब फोन बंद आ रहा है.”
पीड़ित अशोक ने बताया कि उनसे 12 हजार रुपये लिए गए. 24 मई को बुलाया था. लड़कियों के फोटो दिखाए थे.
पुलिस ने शुरू की जांच
देवास के एडिशनल एसपी जयवीर सिंह भदौरिया ने बताया कि मामले में मुख्य आरोपी मुकेश और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया जा चुका है. अन्य आरोपी की तलाश जारी है. जिस तरह से उन्होंने धोखाधड़ी की है. अलग-अलग फोटो दिखाकर लोगों को बातों में लिया है. सब की इन्वेस्टिगेशन की जा रही है.
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