पीएम मोदी के खिलाफ की गई शिकायत अब इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट से गायब है.
लोकसभा चुनाव चल रहे हैं. इस चुनाव की बेला में ऐसा कई बार देखने को मिला है कि नेता लोग वोटरों को अपने पाले में करने के लिए किसी भी तरह की बयानबाजी कर ही देते हैं. अब बयान में कुछ भी ऊंच-नीच होता है तो मामला सीधा पहुंचता है चुनाव आयोग के पास. इस चुनाव में भी इलेक्शन कमीशन के पास कुल 445 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं. इन शिकायतों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है और चुनाव आयोग कार्रवाई भी कर रहा है. लेकिन इन सबके बीच एक खबर आई है कि पीएम मोदी के बयान के खिलाफ की गई शिकायत गायब हो गई है. याद होगा आपको पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के लातूर में लोगों के अपील थी:
जिस प्रकार हम अपने जीवन की पहली कमाई अपनी मां या अपने आराध्य देव को समर्पित करते हैं उसी प्रकार आप लोग भी अपने जीवन का पहला वोट एयर स्ट्राइक करने वाले जवान और पुलवामा के शहीदों को समर्पित कर सकते हैं क्या.
पीएम मोदी के इस बयान पर कोलकाता में रहने वाले महेंद्र सिंह ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी.
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग की वेबसाइट पर शिकायत का स्टेटस मिसिंग दिखा रहा है. NDTV की इस रिपोर्ट के अनुसार -
महेंद्र सिंह के मुताबिक जब उन्होंने चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपनी शिकायत का स्टेटस चेक करना चाहा तो पता चला कि शिकायत की सुनवाई हो चुकी है और मामला भी सुलझाया जा चुका है. उधर चुनाव आयोग के मुताबिक, वेबसाइट पर इस शिकायत के साथ लिखा हुआ आना चाहिए था- जानकारी आगे चुनाव आयोग हेडक्वार्टर में पहुंचाई जा चुकी है, लेकिन लिखा है- मामला सुलझाया जा चुका है. महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी ने इस मामले से जुड़े अधिकारी से जवाब तलब किया है. इस मामले में पहले चुनाव आयोग के अधिकारी ने ये बात कही थी कि वेबसाइट पर जो शिकायत का स्टेटस है, उसमें ‘टेक्निकल ग्लिच’ है. फिर स्टेटस ही गायब मिला.
चुनाव आयोग पहले ही कह चुका है कि सेना का किसी भी तरह से राजनीति इस्तेमाल नहीं किया जाए. बावजूद इसके प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी रैली में पुलवामा हमले का जिक्र किया. चुनाव आयोग की वेबसाइट पर शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, साथ ही कार्रवाई की रफ्तार भी बढती जा रही है. अगर गौर करेंगे तो मायावती के खिलाफ शिकायत के बाद 4 दिन के भीतर कार्रवाई हुई. मेनका गांधी, नवजोत सिंह सिद्धू, योगी आदित्यनाथ, आजम खान इन सबके ऊपर भी शिकायत के 4 दिन के भीतर कार्रवाई हुई. लेकिन पीएम मोदी के इस बयान के दो हफ्ते बीत जाने के बाद भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई है.