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कराची में धार्मिक नेता रहीमुल्लाह की हत्या किसने की? मसूद अजहर का करीबी था

मौलाना रहीमुल्लाह कराची के ओरंगी टाउन जा रहा था. रास्ते में कुछ अज्ञात लोगों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. अचानक हुई गोलीबारी में मौलाना गंभीर रूप से घायल हो गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया.

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कराची में मौलाना रहीम उल्लाह तारिक की गोली मार कर हत्या कर दी गई. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)

पाकिस्तान के कराची में कथित धार्मिक नेता मौलाना रहीमुल्लाह तारिक की हत्या कर दी गई है (Maulana Rahim Ullah Tariq Murder). उसे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर (Masood Azhar JEM) का करीबी माना जाता था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हत्या के समय मौलाना रहीमुल्लाह कराची के ओरंगी टाउन जा रहा था. रास्ते में कुछ अज्ञात लोगों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. अचानक हुई गोलीबारी में मौलाना गंभीर रूप से घायल हो गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया.

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आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक कराची पुलिस ने मृतक के रहीमुल्लाह तारिक होने की पुष्टि की है. उसका अनुमान है कि ये टारगेट किलिंग का मामला हो सकता है. पुलिस के अनुसार, मौलाना किसी धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने जा रहा था.

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भारत में कई आतंकी हमलों के पीछे जैश

जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान स्थित एक आतंकवादी संगठन है. 2001 के संसद हमले और 2019 के पुलवामा अटैक के लिए जैश को ही जिम्मेदार बताया जाता है. 

13 दिसंबर 2001 को संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान संसद भवन पर 5 आतंकियों ने हमला किया था. उनमें से 1 ने संसद भवन के गेट पर ही खुद को बम से उड़ा लिया था. इसके बाद सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में बाकी सभी आतंकी मारे गए थे. इस हमले में सैनिकों समेत 9 लोगों की मौत हुई थी. बाद में बताया गया कि इस हमले में जैश-ए-मुहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शामिल थे. 

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14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा अटैक के लिए भी जैश को ही जिम्मेदार माना जाता है. इसी जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख है मसूद अजहर.

हाल के दिनों में पाकिस्तान में कई आतंकियों की हत्या के मामले आए हैं. कुछ दिनों पहले ही पाकिस्तान के बाजौर में लश्कर ए-तैयबा के पूर्व कमांडर अकरम खान उर्फ अकरम गाजी को गोली मार दी गई थी. इसके अलावा इसी साल मार्च महीने में रावलपिंडी में हिजबुल मुजाहिदीन के एक शीर्ष कमांडर की हत्या कर दी गई थी. इससे पहले अल-बद्र मुजाहिदीन के पूर्व कमांडर सैयद खालिद रजा को गोली मार दी गई थी. पुलिस ने इसे भी टारगेट किलिंग बताया था. इन हत्याओं में किसी अज्ञात हमलावर या हमलावरों का हाथ बताया गया.

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