मणिपुर की राजधानी इम्फाल में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का काफिला रोक दिया गया है. जानकारी के मुताबिक राहुल के काफिले को स्थानीय पुलिस ने विष्णुपुर चेकपोस्ट पर रोक दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने बताया कि उसने सुरक्षा कारणों से राहुल गांधी और उनके समर्थकों को रोका है. राहुल को चुराचांदपुर जाना था.
मणिपुर में राहुल गांधी को पुलिस ने रोका, जबरदस्त हंगामा, टियर गैस से अफरा-तफरी
इंफाल में उतरकर राहुल को चुराचांदपुर जाना था.
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राहुल गांंधी का दो दिन का मणिपुर दौरा पहले से तय था. कार्यक्रम के तहत राहुल इम्फाल और चुराचांदपुर में बनाए गए राहत शिविरों का दौरा करने वाले हैं. यहां वे मणिपुर हिंसा के पीड़ितों से मिलेंगे. राहुल मणिपुर स्थित सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों से भी मिलेंगे. लेकिन पुलिस की कार्रवाई के बाद अब देखना होगा कि राहुल गांधी ये सब कर पाएंगे या नहीं.
इम्फाल में लैंड करने के थोड़ी ही देर बाद उनकी गाड़ी के काफिले को रोक दिया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने राहुल को हेलिकॉप्टर से जाने को कहा, लेकिन वो तैयार नहीं हुए. कांग्रेस समर्थकों ने इस पर खूब हंगामा किया. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आंसू गैस के गोले दाग दिए. बताया जा रहा है कि इसके बाद राहुल का काफिला इम्फाल की तरफ लौट रहा है. अब वो हेलिकॉप्टर से चुराचांदपुर जाएंगे.
मणिपुर सरकार और पुलिस की ओर से कहा गया है कि उनका मकसद राहुल को रोकना नहीं था. उनका कारवां सिर्फ सुरक्षा कारणों से रोका गया है. इंडिया टुडे के मुताबिक विष्णुपुर के एसपी हेसनाम बलराम सिंह ने बताया,
"जमीनी हालात के मद्देनजर हमने उन्हें (राहुल) आगे जाने से रोका है और हेलिकॉप्टर से चुरचांदपुर जाने की सलाह दी है. राहुल गांधी जिस रास्ते जाने वाले हैं वहां हाईवे पर ग्रेनेड अटैक होने का खतरा है. उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही हमने उन्हें (आगे जाने की) अनुमति नहीं दी."
कांग्रेस का बयान
वहीं कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा,
"राहुल के कारवां को पुलिस ने विष्णुपुर के पास रोक दिया है. पुलिस का कहना है कि वो हमें इसकी इज़ाज़त नहीं दे सकते. लोग राहुल का अभिवादन करने के लिए सड़क के दोनों ओर खड़े थे. हमें नहीं समझ आ रहा है पुलिस ने उन्हें क्यों रोका है."
कांग्रेस मुखिया मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस पर ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा. खरगे ने इसे भारत के संवैधानिक मूल्यों का हनन बताया.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने राहुल का कारवां इसलिए रोका है, क्योंकि उस रास्ते पर हिंसा होने की आशंका थी. विष्णुपुर के पास उत्लो गांव के पास हाईवे पर टायर जलाए गए हैं और राहुल के काफिले पर पत्थर भी फेंके जाने की जानकारी दी गई है.
भाजपा ने क्या कहा?
उधर राहुल के मणिपुर दौरे को लेकर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा,
"राहुल गांधी अपनी जिद में मणिपुर गए हैं. राहुल के जाने से वहां पर हालात और तनावपूर्ण हुए हैं. राहुल को ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलने की इतनी जल्दी थी, इसीलिए उन्होंने प्रशासन की बात नहीं मानी."
मणिपुर में क्या हो रहा है?
मैतेई समुदाय अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने की मांग करता रहा है. 3 मई को इस मांग का विरोध हुआ था. इस विरोध में ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन (ATSU) ने एक रैली आयोजित की, जिसमें झड़प होने की ख़बर आई थी. इसमें फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की जमीन हथियाने पर भी बवाल हुआ. यहीं से झड़प बढ़ती रही और मणिपुर जातीय हिंसा की आग में जल उठा. इस हिंसा में 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
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