The Lallantop

‘नरेंद्र मोदी भारत के अतीत…’ राहुल गांधी ने छात्रों को पीटने वाले पुलिस वालों पर एक्शन मांगा

Congress नेता Rahul Gandhi ने AISA से जुड़ी छात्राओं के साथ एक Press Conference की. इस दौरान उन्होंने PM Narendra Modi से छात्रों की मांग पूरी करने के लिए कहा.

Advertisement
post-main-image
राहुल गांधी ने AISA से जुड़ी छात्राओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की. (फोटो- इंडिया टुडे)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • राहुल गांधी ने 25 जुलाई को 10 जनपथ पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्रों की मांगों के समर्थन में केंद्र सरकार और कैबिनेट की आलोचना की, साथ ही पद्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले यह घटनाक्रम हुआ।
  • यह प्रेस कॉन्फ्रेंस उन छात्रों की भूख हड़ताल और 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान लाठी चार्ज और पैलेट गन उपयोग को लेकर उनकी जवाबदेही तय करने की मांग के कारण आयोजित की गई थी।
  • धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद, राहुल गांधी ने छात्रों के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया जारी रखी और शिक्षा व्यवस्था सुधार के लिए आगे भी राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता की संभावनाएं बनी हैं।

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 10 जनपथ पर शनिवार, 25 जुलाई को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उनके साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की वो छात्राएं भी मौजूद रहीं, जो जंतर-मंतर पर 23 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठी थीं. प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने केंद्र की मोदी सरकार और कैबिनेट पर जमकर निशाना साधा. नेता प्रतिपक्ष छात्रों की मांगों पर सख्ती से खड़े रहे. केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने से कुछ देर पहले राहुल ने ये प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी.

Advertisement

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा छात्रों के उन तीन मांगों से कोई समझौता नहीं हो सकता है. राहुल ने 20 जुलाई के दिन ‘संसद मार्च’ के दौरान लाठी चार्ज और कथित पैलेट गन के इस्तेमाल का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने यह मांग की जिन लोगों के कहने पर छात्रों पर लाठी चलाई गई, पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ, छात्रों के सिर और पैर तोड़े गए, उन्हें भी ‘जवाबदेही’ तय करनी चाहिए. 

राहुल ने डिमांड की कि छात्रों पर ‘हमला’ करने वाले और कथित पैलेट गन का इस्तेमाल करने वाले दिल्ली पुलिस के अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए. नेता प्रतिपक्ष ने धर्मेंद्र प्रधान को ‘भ्रष्ट नेता और भ्रष्टाचार का प्रतीक’ बताया और उन्हें हटाने की मांग की थी. इस बीच, प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने खुद ही इस्तीफा दे दिया. 

Advertisement

नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि छात्रों पर हुए हमले के लिए प्रधानमंत्री मोदी को भी माफी मांगनी चाहिए. छात्राओं का समर्थन करते हुए राहुल ने उन्हें देश का भविष्य बताया और प्रधानमंत्री मोदी को भारत का ‘अतीत’. 

इसके बाद लेफ्ट संगठन AISA से जुड़ी और जंतर-मंतर पर 23 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठी नेहा ने भी पत्रकारों से बात की. नेहा ने राहुल के बातों का समर्थन किया और उसे अच्छा बताया. उन्होंने आगे कहा कि बिहार में विरोध प्रदर्शन के आह्वान से पहले ही बिहार पुलिस ने AISA से जुड़े 40 छात्रों को हिरासत में ले लिया है. क्योंकि वो बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर प्रदर्शन करने वाले थे.

यह भी पढ़ें: छात्रों के प्रोटेस्ट के आगे झुकी सरकार, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

Advertisement

नेहा ने भी कहा कि दिल्ली पुलिस कमिश्नर और गृह मंत्री अमित शाह की जवाबदेही की भी मांग की. साथ ही मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी के कार्यकाल में भारत का शिक्षा सिस्टम चरमरा गया है. इससे ठीक एक दिन पहले 24 जुलाई को भी राहुल गांधी उस छात्र को सामने लेकर आए थे, जिसे पैलेट गन से लगी चोटों का दावा किया गया है.

वीडियो: नेतानगरी: मोदी सरकार के 12 सालों का सबसे बड़ा इम्तिहान! धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से ही थमेगा छात्रों का गुस्सा?

Advertisement