केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है. NEET-UG पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीते कई हफ्तों से छात्रों का विरोध प्रदर्शन चल रहा था. आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इस इस्तीफे को ‘लोकतंत्र की जीत’ बताया है. CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि ‘लोकतंत्र में डरने की जरूरत नहीं है.’
'मुझे हीरो मत बनाइए', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अभिजीत दिपके क्या बोले?
NEET-UG पेपर लीक विवाद और जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. आंदोलन का नेतृत्व करने वाली Cockroach Janta Party ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है.

अभिजीत ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर खुशी जताई और कहा,
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. यह इस बात का सबूत है कि अगर आप डरते नहीं हैं, अगर आप इस सरकार के सामने झुकते नहीं हैं, तो आप किसी का भी इस्तीफा ले सकते हैं. लोकतंत्र में डरें नहीं.
अभिजीत दिपके ने समर्थकों से अपील भी की कि इस सफलता पर उन्हें ‘हीरो’ न बताया जाए. उन्होंने कहा,
मैं एक बहुत ज़रूरी बात कहना चाहता हूं. धर्मेंद्र प्रधान के आज इस्तीफा देने की वजह से मुझे हीरो मत बनाइए. यह गलती मत कीजिए. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कारण मुझे हीरो मत बनाइए. एक व्यक्ति को हीरो बनाने की वजह से ही देश बर्बाद हुआ है.
वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने X पर लिखा,
“कॉकरोच की जीत हुई... लोकतंत्र की जीत हुई!”
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सीजेपी का प्रोटेस्ट आगे जारी रहेगा या नहीं, इस पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है. पार्टी ने एक्स पर एक पोस्ट किया है. इसमें बताया है कि उनकी तीन मांगों में से सिर्फ एक पूरी हुई है. बाकी की दो अभी बाकी हैं. सीजेपी ने लिखा है,
कॉकरोच जनता पार्टी की मांगों का अपडेटः
– धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा - हो गया
– आत्महत्या से जान गंवाने वाले बच्चों के परिवार को एक करोड़ का मुआवजा- पेंडिंग
– छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई ऐक्शन न हो - पेंडिंग
बता दें कि नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर एक महीने से कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन चल रहा है. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा प्रदर्शनकारियों की सबसे प्रमुख मांगों में से एक थी. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इसे लेकर 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी. शनिवार, 25 जुलाई को देश के अलग-अलग हिस्सों से उग्र प्रदर्शन की भी खबरें आने लगी थीं.
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