
ट्रू कॉलर में सिम का असली मालिक दिखता है, ऐसा माना जाता है
कथा सुनो. रायपुर के जल संसाधन डिपार्टमेंट में सब इंजीनियर शिव प्रकाश मिश्र को एक नंबर से फोन आया. फोन करने वाला खुद को एसबीआई का तोप बताइस. कहा कि मिसरा जी आपका खाता जो है, वो आधार से लिंक नहीं है. अब मिसरा जी को शक हुआ. ट्रू कॉलर पर चेक किया. वहां भी नंबर एसबीआई का दिखा रहा था. तब मिसरा जी ने अपने अकाउंट की जानकारी ठग्गू को दे दी. 40 हजार चिपक गए. मिसरा जी दौड़कर कबीर नगर थाने गए. रपट लिखाई.
धोखा है धोखा
अनुरूप मुखर्जी नाम के एक साइबर एक्सपर्ट हैं. वो कहते हैं कि लोगों को लगता है जिसके नाम से सिम होता है, ट्रू कॉलर वही नाम दिखाता है. लेकिन होता ये है कि ट्रू कॉलर जिसके मोबाइल में होता है, उसके सारे कॉन्टैक्ट उसी फोन में दिए नामों से सेव करता है. वहीं से सर्वर पर डाटा चला जाता है. मतलब ट्रू कॉलर लाई कॉलर है. ये हम नहीं साइबर एक्सपर्ट ने कहा है. हमको ये जानकारी हमारे साथी सुनील नामदेव ने दी. हमने आपको दी. लेना है तो लो नहीं तो फंसोगे तो हमसे न कहिना.ये भी पढ़ें:
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