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जिस तरह इसने अपने बाप को मारा, कोई जानवर को भी न मारे

2 साल पहले सरेआम लड़की के कपड़े फाड़े थे. और अब...

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फोटो - thelallantop
उम्र 35 साल. पेशा, मर्चेंट नेवी. नौकरी कनाडा में. पूर्वी दिल्ली में अपार्टमेंट. सोचकर लगता है कि किसी के लिए भी ये परफेक्ट लाइफ होगी. एक घर और नौकरी के सिवा आम आदमी की चाहत ही क्या होती है. मगर हर आम आदमी एक सा नहीं होता. हर दिमाग अलग और हर दिमाग की चाहतें अलग. जाने राहुल के दिमाग में क्या चल रहा होगा, जब उसने अपने पिता को 36 बार चाकू से गोदकर मारा होगा.

क्या हुआ?

दिन के करीब 2:30 बजे राहुल IP एक्सटेंशन के अजंता अपार्टमेंट में पहुंचा, जहां उसके मां-बाप रहते थे. गेट के सिक्योरिटी गार्ड नंदन ने राहुल को घुसने से मना कर दिया. वजह ये थी कि रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने अपार्टमेंट में राहुल के घुसने से रोक लगा रखी थी. क्योंकि कुछ महीने पहले उसके खिलाफ कई औरतों ने यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी. राहुल के अपने मां-बाप से भी संबंध अच्छे नहीं थे क्योंकि उसने उनकी मर्जी के खिलाफ शादी की थी. और फ़िलहाल अलग रह रहा था. राहुल असल में मीट काटने वाले दो चाकू लेकर आया था. और जब नंदन ने उसे घुसने से मना किया, उसने उस पर वार कर दिया. नंदन को दर्द में छोड़कर वो आगे बढ़ गया. वो अपने पिता के फ्लैट पर पहुंचा. दरवाजा खटखटाया. जैसे ही पिता रविंदर ने दरवाजा खोला, उसने उन पर लगातार वार किए. रविंदर की चीख सुनकर जब पड़ोसी रेनू बंसल निकलकर मदद के लिए आईं, तो उन्हें चाकू से मारा. उसके बाद पड़ोसी वीके शर्मा के फ्लैट में घुसा और कहा, मैंने अपने बाप को मार डाला है. अब तुम्हें भी मार दूंगा. वीके शर्मा अपने कमरे की तरफ भागे, खुद को अंदर से बंद कर लिया. और पुलिस को फ़ोन कर दिया. खबर मिलने के बाद पुलिस अपार्टमेंट में पहुंची और राहुल को रोकने की कोशिश की. राहुल ने गैस सिलिंडर की नॉब खोली और माचिस जला दी. तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलाया गया और PNG गैस का कनेक्शन रोका गया. राहुल को आग से बाहर निकाला गया. और अब जल्द ही उससे पुलिस पूछताछ करेगी. उसके पिता रविंदर को अस्पताल पहुंचाया गया, उनकी मौत हो चुकी थी.

मर्चेंट नेवी से निकाला गया था

राहुल तकरीबन 10 साल पहले कैनेडा गया था. मर्चेंट नेवी की नौकरी थी. लेकिन कैनेडा में उसने एक औरत को सेक्शुअल असॉल्ट किया. जिसकी वजह से उसे एक साल की जेल भी हुई थी. और नौकरी से निकाल दिया गया था. पड़ोसी बताते हैं कि दिल्ली वापस आने के बाद भी वो अपनी यूनिफार्म पहने रहता था और साइकिल पर घूमा करता था. उसे अपनी नौकरी का बड़ा गुमान था और पड़ोसियों से इंग्लिश में बात किया करता था. 2015 में उसने पब्लिक में एक लड़की के कपड़े फाड़ दिए थे. जिसके लिए एक साल तक तिहाड़ जेल में भी रहा था. राहुल फेसबुक पर कई क्राइम के पेज फॉलो किया करता था.

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