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ममता बनर्जी इस्तीफा देने को तैयार, डॉक्टरों के सामने कहा, "मुख्यमंत्री का पद नहीं चाहिए"

CM Mamata Banerjee ने कहा कि उनकी सरकार आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी.

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ममता ने कहा कि लोगों ने निहित स्वार्थों के लिए विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई थी. (फोटो- PTI)

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) अपने इस्तीफा दे सकती हैं. उन्होंने खुद कहा है कि लोगों के हित में वो ऐसा करने को तैयार हैं. गुरुवार 12 सितंबर को ममता बनर्जी ने राज्य सचिवालय में जूनियर डॉक्टरों के साथ मीटिंग के दौरान ये बात कही.

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ये डॉक्टर आरजी कर मेडिकल कॉलेज की जूनियर डॉक्टर के रेप और हत्या के विरोध में कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके चलते बंगाल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर संकट छा गया है. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक इलाज नहीं मिलने की वजह से अब तक 27 मरीजों की मौत हो गई है. ऐसे में  मीटिंग के दौरान सीएम ममता ने कहा कि उन्हें राज्य के शीर्ष पद से कोई मोह नहीं है और वो "लोगों के हित में" पद छोड़ने के लिए भी तैयार हैं.

डॉक्टरों को आश्वस्त करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार हमेशा बातचीत के लिए तैयार है. बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर सरकार विरोधी पोस्ट की ओर इशारा करते हुए कहा,

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“हमारी सरकार का अपमान किया गया है. आम लोग नहीं जानते हैं कि इसको राजनीतिक रंग दिया जा रहा है.”

ममता ने आगे कहा कि लोगों ने निहित स्वार्थों के लिए विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई थी. ऐसे लोग न्याय नहीं चाहते, वो कुर्सी चाहते हैं.

जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल का दो घंटे तक इंतजार करने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा,

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"लोगों के हित में मैं पद छोड़ने को तैयार हूं. मुझे मुख्यमंत्री का पद नहीं चाहिए. मैं विक्टिम के लिए न्याय चाहती हूं. और मैं ये भी चाहती हूं कि आम लोगों को इलाज मिले."

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ममता के साथ जूनियर डॉक्टरों की बैठक शाम 5 बजे शुरू होनी थी. बैठक के लिए डॉक्टर सचिवालय के गेट तक आ गए, लेकिन उन्होंने अंदर जाने से इनकार कर दिया क्योंकि सरकार ने उनकी एक मांग नहीं मानी. डॉक्टर बैठक का सीधा प्रसारण कराना चाहते थे. सीएम ने कहा,

“हमारे पास जूनियर डॉक्टरों के साथ बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था थी. हम सुप्रीम कोर्ट की अनुमति से इसे उनके साथ साझा कर सकते थे, पर चूंकि आरजी कर कॉलेज का मामला कोर्ट में विचाराधीन है इसलिए जूनियर डॉक्टरों की मांग के अनुसार उनके साथ बैठक का सीधा प्रसारण नहीं किया जा सकता है.”

सीएम ममता ने कहा कि वो आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ सरकार कोई कार्रवाई नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि जूनियर डॉक्टरों के काम बंद करने से 27 लोगों की मौत हुई है. राज्यभर में सात लाख मरीज परेशान हुए हैं. ममता बनर्जी हाथ जोड़कर डॉक्टरों से बोलीं,

"मैं दो घंटे से यहां बैठी हूं. कल भी मैंने इंतजार किया था. सिर्फ मैं ही नहीं, वरिष्ठ अधिकारी भी, जिनके खिलाफ वो हर समय शिकायत करते रहते हैं."

आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप और हत्या मामले के बाद जूनियर डॉक्टरों और राज्य सरकार के बीच एक महीने से ज़्यादा समय से टकराव चल रहा है. प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने आरोप लगाया है कि सरकार मामले को दबाने की कोशिश कर रही है और पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष का समर्थन कर रही है. संदीप घोष को भ्रष्टाचार के एक मामले में CBI ने गिरफ्तार कर लिया है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने कोलकाता पुलिस प्रमुख विनीत गोयल और स्वास्थ्य विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई अन्य लोगों के इस्तीफे की मांग की है. डॉक्टरों कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वो पीछे नहीं हटेंगे.

वीडियो: RG Kar Medical कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर बड़ी कार्रवाई

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