"महाराष्ट्र सरकार बदले की भाव से भाजपा नेताओं की सुरक्षा हटाने का दुस्साहस कर रही हैं. यदि कुछ भी गलत हादसा हुआ तो उसकी जिम्मेदार #MVA सरकार होगी..किस किसकी आवाज दबावोंगे? तुम्हारा यह दमनराज का अन्त अब नजदीक आ गया है. सत्य मेव जयते."16 लोगों की सुरक्षा ली गई वापस कुछ नेताओं की सुरक्षा को हटा भी लिया गया है. सरकारी अधिसूचना के मुताबिक करीब 11 लोगों की सुरक्षा को कम किया गया है और 16 लोगों की सुरक्षा वापस ली गई है. यही नहीं कुछ लोगों को सुरक्षा मुहैया भी कराई गई है. जिन 13 लोगों को सुरक्षा दी गई है उनमें डिप्टी सीएम अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार, युवा सेना के सचिव वरुण सरदेसाई शामिल हैं. दोनों को एक्स श्रेणी की सुरक्षा दी गई है.
महाराष्ट्र सरकार ने पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस समेत कई विपक्षी नेताओं की सुरक्षा कम कर दी
BJP ने इसे बदले की कार्रवाई बताया.
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महाराष्ट्र सरकार ने पूर्व सीएम और बीजेपी के कई नेताओं की सुरक्षा घटा दी है.
महाराष्ट्र सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस की सुरक्षा में कटौती कर दी है. उनके अलावा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे की सुरक्षा को भी कम किया गया है. उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार के इस फैसले पर बीजेपी ने नाराजगी जाहिर की है. हालांकि फडणवीस ने कहा है कि इससे महाराष्ट्र में यात्रा करने और जनता से मिलने की योजना पर असर नहीं पड़ेगा. महाराष्ट्र के स्टेट इंटेलीजेंस डिपार्टमेंट ने कुछ दिनों पहले ही VIP सुरक्षा को लेकर एक रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी जिसमें कई लोगों की सुरक्षा में बदलाव के लिए कहा गया था. सरकारी तंत्र के मुताबिक ये एक नियमित समीक्षा व्यवस्था है जिस पर राज्य सरकार ने फैसला किया है.
अठावले की सुरक्षा में भी कमी
महाराष्ट्र सरकार के इस नए फैसले के मुताबिक अब देवेंद्र फडणवीस की सुरक्षा जेड प्लस से घटाकर वाई प्लस कर दी गई है. उनके सुरक्षा काफिले से एक बुलेटप्रूफ वाहन को भी हटा लिया गया है. फडणवीस की पत्नी अमृता के सुरक्षा कवर को भी घटा दिया गया है. उन्हें वाई प्लस से एक्स श्रेणी में डाला गया है. यूपी के पूर्व राज्यपाल राम नाइक को ‘वाई-प्लस' की जगह ‘वाई' श्रेणी की सुरक्षा मिलेगी. सीएम उद्धव ठाकरे के चचेरे भाई और MNS के चीफ राज ठाकरे को भी जेड श्रेणी सुरक्षा की जगह वाई प्लस सुरक्षा दी जाएगी. देवेंद्र फडणवीस और राज ठाकरे के अलावा RPI अध्यक्ष रामदास अठावले, बीजेपी नेता चंद्रकांत पाटिल, बीजेपी के प्रवीण दारेकर और बीजेपी नेता प्रसाद लाल की सिक्योरिटी कम की गई है. बीजेपी के विधायक और प्रवक्ता राम कदम ने सरकार के इस फैसले की आलोचना की है. उन्होंने इसे बदले की राजनीति के तहत उठाया गया कदम करार दिया और कहा,
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