
भोपाल के परिवार ने पिता के ब्रेन डेड होने के बाद डोनेशन का फैसला कर मिसाल पेश की है.
मामला भोपाल के कटारा हिल्स का है. यहां रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर विष्णु कुमार को 10 अक्टूबर को ब्रेन हैमरेज हुआ. उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां 11 अक्टूबर को उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया. इसके बाद भोपाल ऑर्गेन डोनेशन सोसाइटी(BODS)के कॉउंसलर विष्णु के परिवार के पास पहुंचे. पत्नी रेखा, बेटी श्रद्धा और बेटो दक्क्ष को समझाया कि उनका एक फैसला तीन लोगों की जिंदगी बचा सकता है. परिवार तैयार हो गया. इसमें 23 साल की श्रद्धा ने सबसे ज्यादा हिम्मत दिखाई और मां-भाई को डोनेशन के लिए तैयार किया. परिवार की मंजूरी के बाद विष्णु की बॉडी को ऑर्गेन हार्वेस्ट के लिए ले जाया गया. हम सबको भोपाल के इस परिवार के जज्बे से सीख लेनी चाहिए.
परिवार के बाकी लोगों का विरोध झेला
विष्णु की मौत की खबर सुनके परिवार के करीब 150 लोग अस्पताल पहुंचे. सभी ने श्रद्धा के फैसले का विरोध किया और नाराजगी जताई. मगर श्रद्धा और उनकी मां ने यहां भी हार नहीं मानी और परिवार के लोगों को समझाया कि उनके इस फैसले से तीन जिंदगियां बच जाएंगी.

देश में हर साल ऑर्गेन डोनेशन की कमी के कारण हजारों लोग मरते हैं.
बातें सब करते हैं पर देता कोई नहीं
श्रद्धा ने डीबी पोस्ट से बातचीत में बताया कि वो अपने परिवार के तमाम लोगों के मुंह से ऑर्गेन डोनेशन की बात सुन चुकी थी. मगर जब उन्होंने ये फैसला किया तो सबने विरोध किया. उनका कहना था कि लोग बात तो खूब करते हैं, पर कोई डोनेशन के लिए आगे नहीं आता है. श्रद्धा अब BODS की अंबैसडर हैं. 12 अक्टूबर को श्रद्धा, उनकी मां और भाई ने उस परिवार से भी मुलाकात की, जिनको उनके पिता के ऑर्गेन से नई जिंदगी मिलने वाली है.
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