
स्कूल में छुट्टी करवाने के लिए ही प्रद्युम्न की हत्या की गई थी.
लखनऊ के त्रिवेणीनगर द्वितीय के ब्राइट लैंड कॉलेज में कॉलेज की ही एक छात्रा ने पहली क्लास के छात्र ऋतिक को चाकुओं से गोद दिया और फरार हो गई. जब स्कूल को इस बात का पता चला, तो उसने ऋतिक को अस्पता पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुईई है. ये वारदात 16 जनवरी की है, लेकिन पुलिस को इस बात का पता 17 जनवरी को चल पाया. ऋतिक के पिता राजेश कुमार सिंह हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में काम करते हैं. उनके दो बेटे हितेश(12) और ऋतिक (7) हैं, जो ब्राइट लैंड कॉलेज में ही पढ़ते हैं.

ब्राइट लैंड में नर्सरी से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई होती है.
घायल ऋतिक के मुताबिक
"मैं16 जनवरी को अपनी क्लास में था. इसी दौरान एक स्कूल की एक छात्रा क्लास में आई और मेरा नाम पूछा. जब मैंने नाम बताया, तो उन्होंने मुझे अपने साथ चलने को कहा. वो मुझे लड़कों के वॉशरूम में ले गईं और वॉशरूम को अंदर से बंद कर दिया. इसके बाद उन्होंन मेरे मुंह में दुपट्टा ठूंस दिया और हाथ भी बांध दिए. इसके बाद उन्होंने चार बार चाकू मारा. एक चाकू माथे पर लगा, एक सीने पर और दो पेट में लगे. उसके बाद वो दरवाजा करके भाग गईं. किसी तरह मैंने दरवाजे पर पैर मारे, तो एक टीचर ने दरवाजा खोला."ऋतिक के पिता राजेश ने बताया-
"16 जनवरी को ही स्कूल ने मुझे फोन किया था. कहा था कि आपके बेटे को चोट लगी है, इसलिए उसे अस्पताल लेकर जा रहे हैं. मैं अपनी पत्नी रीना और बेटे हितेश के साथ पहुंचा तो पता चला कि ऋतिक को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है. वहां पहुंचा, तो पता चला कि मेरे बेटे को चाकू मारा गया है."
"ऋतिक की हालत देखकर हम तुरंत उसे अस्पताल लेकर गए. पहले ऋतिक का इलाज करवाना जरूरी था, इसलिए पुलिस को सूचना नहीं दी गई. इलाज के बाद हमने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया है.''
इस मामले में एएसपी ट्रांसगोमती हरेंद्र कुमार ने बताया
''शायद छात्रा ने पहले से ही ऋतिक को टार्गेट कर रखा था. स्कूल यूनिफॉर्म में दुपट्टा नहीं है, इसलिए वो उसे घर से लेकर आई होगी. हमले के लिए उसने जिस वॉशरूम को चुना था, वहां सीसीटीवी भी नहीं लगा है. इससे पता चलता है कि उसने पूरी प्लानिंग कर रखी थी. इस मामले में केस दर्ज कर जांच की जा रही है.''
एएसपी हरेंद्र कुमार ने ही घायल ऋतिक से बात की थी. ऋतिक ने जो उन्हें बताया, उसके मुताबिक-
''मैंने दीदी से कहा कि वो मुझे मत मारें. लेकिन वो नहीं मानीं. उन्होंने कहा कि अगर मैं तुम्हें मार दूंगी तो स्कूल की छुट्टी हो जाएगी.''पुलिस ने जब ऋतिक से पूछताछ की तो उसने बताया कि हमल करने वाली लड़की के बाल छोटे-छोटे थे. उसने स्कूल यूनिफॉर्म पहन रखी थी. स्कूल में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जब पुलिस ने तफ्तीश शुरू की, तो उन्हें एक ऐसी छात्रा नजर आई. फुटेज साफ नहीं थी, तो उसका स्केच बनाकर ऋतिक को दिखाया गया. उसे देखते ही ऋतिक ने पहचान कर ली और कहा कि इसी दीदी ने मुझे चाकू मारा था. पुलिस ने जिस लड़की का स्केच बनाया था और जिसे ऋतिक ने पहचान लिया है, वो इसी स्कूल में छठी क्लास में पढ़ती है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जब पूरे मामले में स्कूल की डायरेक्टर रीना व्यास से बात की गई तो उन्होंने कहा-
''स्कूल में 70 कैमरे लगे हुए हैं. हम हर कैमरे की फुटेज तलाश कर रहे हैं. इस बात की भी जांच की जा रही हि क्या लड़की ब्लू व्हेल गेम खेल रही थी, जिसके लिए उसने एक बच्चे को जान से मारने की कोशिश की.''पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है. जिस लड़की की शिनाख्त की गई है, पुलिस उससे भी पूछताछ करेगी. उससे पूछताछ के बाद ही कुछ साफ हो पाएगा, लेकिन इस घटना से एक बार फिर साफ हो गया कि हमारे बच्चे स्कूलों में भी सुरक्षित नहीं हैं. पहले गुरुग्राम का रेयान और फिर लखनऊ का ब्राइट लैंड कॉलेज, दोनों ही इस बात की गवाही दे रहे हैं.
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