अब जो कहे टीवी खराब चीज है, उसको ये कहानी पढ़ा देना लॉरेन थॉमस क्राइटजर कैलिफोर्निया में रहते हैं. कोई पक्की नौकरी थी नहीं. बढ़ई थे, जब काम मिल जाता तो कर लेते. महीने में बड़ी मुश्किल से करीब 12-13 हजार रुपये कमा पाते. फिर कार दुर्घटना में उनका एक पैर जाता रहा. आमदनी का जरिया भी चला गया. पहले ही गरीबी थी, और गरीबी आ गई. एकदम भुखमरी की नौबत. फिर लॉरेन को मिला एक खजाना. उनका खानदानी कंबल. उस कंबल को बेचकर अमीर हुआ जा सकता है, ये ज्ञान लॉरेन को टीवी देखने से मिला. जैसे सिर के ऊपर सेब गिरने से न्यूटन को ज्ञान मिला था.

ये ही वो खानदानी कंबल है, जिसने लॉरेन की जिंदगी बदल दी. हालांकि वो अमीर होने के बाद भी परेशान हैं, लेकिन ये उनकी गरीबी के दिनों से तो बेहतर ही है.
पुराने खानदानी कंबल ने करोड़पति बना दिया करीब पांच साल पहले की बात है. साल 2012 की. टीवी पर ऐंटीक (दुर्लभ) चीजों से जुड़ा एक शो आ रहा था. इसमें एक कंबल दिखा रहे थे, जिसकी कीमत थी करीब 31 करोड़ रुपये. उस कंबल को देखकर लॉरेन को अपने घर में पड़े खानदानी कंबल की याद आ गई. वो भी बिल्कुल टीवी वाले कंबल की ही तरह था. पता चला कि उनका खानदानी कंबल 18वीं सदी में बुना गया एक नवाज़ो कंबल था. अमेरिका में रहने वाले आदिवासियों का एक कबीला था नवाज़ो. ये खास किस्म की बुनाई करते थे, जो अपने उम्दा हैंडलूम के कारण पूरी दुनिया में मशहूर है. डेढ़ सदी से भी ज्यादा समय से नवाज़ो बुनकरी की बहुत पूछ है. फिर क्या था, लॉरेन ने वो कंबल बेच दिया. सवा आठ करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत में.
पैसा तो आया, मगर साथ में मुसीबतें भी लाया लॉरेन ने कार खरीदी. बाइक खरीद लिया. कैलिफोर्निया के बीचोबीच दो घर भी खरीद लिए. 2016 में दोबारा शादी भी की. कहां तो पहले एक टूटे-फूटे 'झोपड़ीनुमा' घर में रहते थे और कहां अब उन्होंने डेढ़ करोड़ से ज्यादा की कीमत के घर में रहने लगे. जिंदगी एकदम से खुशनुमा हो गई. मगर किस्मत को क्या कोसें? दौलत आई, तो साथ में दौलत से जुड़ी मुसीबतें भी आईं. कैलिफोर्निया में प्रॉपर्टी पर बहुत टैक्स लगता है. सो पहले आया टैक्स का ऊंचा पहाड़. फिर आए उससे भी डेडली रिश्तेदार. रिश्तेदारों ने कहा, कंबल तो खानदानी था. तुझ अकेले का नहीं. सो हमको भी हिस्सा मिलना चाहिए पैसे में. बहन ने तो केस करने की धमकी दे दी है. जिन रिश्तेदारों ने बरसों से शक्ल नहीं दिखाई थी, वो भी हिस्सा मांगने पहुंच रहे हैं. इतनी दौलत मिल जाने के बाद भी लॉरेन रो रहे हैं. बड़े रुआंसे होकर एक इंटरव्यू में बोले:
कैलिफोर्निया में बिना नौकरी के जीना नामुमकिन है. प्रॉपर्टी पर इतना टैक्स लगता है कि उसको चुकाने के लिए आपको काम करना ही होगा. प्रॉपर्टी टैक्स और इंश्योरेंस में सालाना साढ़े 63 लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान करना होता है. इतना टैक्स है कि लगता है भरते-भरते मर ही जाऊंगा.
पैसे बचाने के लिए कैलिफोर्निया छोड़कर कहीं और बस जाएंगे पहले जब लॉरेन बेरोजगार थे, तो विकलांग होने के कारण उनको सरकारी मदद मिलती थी. पैसा आने के बाद वो मदद भी बंद हो गई. बच्चों का मुंह अलग फूला रहता है. उनको लगता है कि पापा को इतने सारे पैसे मिले. अब तो जो चाहेंगे, मिल जाएगा. लॉरेन उन्हें समझाते-समझाते परेशान रहते हैं. अब वो और उनकी पत्नी कैलिफोर्निया छोड़कर कहीं और, किसी सस्ती जगह पर बसने की सोच रहे हैं. ताकि कम टैक्स भरना पड़े. इसके अलावा उन्होंने काफी सोच-समझकर पैसा निवेश भी कर दिया है. प्रॉपर्टी, स्टॉक मार्केट, बॉन्ड्स वगैरह में. ताकि पैसे से पैसा कमा सकें. लॉरेन और उनकी पत्नी ने काफी तंग हाथों से खर्च करने का फैसला किया है. ताकि फांकाकशी की नौबत दोबारा न आए.

दोस्तों के साथ ली गई लॉरेनी की इस तस्वीर में उनके दाहिने पैर की जगह लगा कृत्रिम बनावटी पैर दिख रहा है.
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