उमा ने ट्विटर पर लिखा-
कल से लगातार श्रीमती रॉबर्ट वाड्रा पर मेरी टिप्पणी को कुछ न्यूज चैनल ‘बिगड़े बोल’ कह रहे हैं जबकि मेरा पूरा कथन तथ्यात्मक रूप से सही है, पर चुभने वाला जरूर है. तथ्य यह है कि रॉबर्ट वाड्रा पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं तथा वो जमानत पर हैं. जमानत का मतलब होता है अपराध की अर्धस्वीकृति. जमानत का मतलब क्लीन चिट नहीं होता. ऐसी स्थिति में उनकी पत्नी क्या कहलाएंगी, मैंने वही कहा है.
जब रॉबर्ट वाड्रा की संपत्ति में बेतहाशा इजाफा हुआ तो क्या उनकी पत्नी इससे अनजान थीं? आप तो यही बड़ी बात मान लीजिए कि मैंने उनको उस चोरी में भागीदार नहीं कहा. यह सच है कि मेरी इस बात से तकलीफ हो रही होगी, किंतु जब हमारे पीएम मोदी को कांग्रेस के नेताओं ने ‘सूट-बूट वाला चोर’ कहा और इन दोनों भाई-बहन ने ‘चौकीदार चोर’ कहा तो हमें कितनी तकलीफ पहुंचती होगी ? तकलीफ और गुस्सा दोनों. दोनों से मन और आत्मा भर जाते हैं.
इस परिवार को यह सबक सीख लेना चाहिए कि वो भगवान के अवतार नहीं हैं और हम भारत के लोग इनकी प्रजा नहीं हैं. वो जैसा बोलेंगे, उन्हें वैसा सुनना पड़ेगा. मैंने ईंट का जवाब पत्थर से नहीं दिया, एक कंकड़ से दिया है जो की सही निशाने पर लगा. इस तरह के इलाज की दोनों भाई-बहन को सख्त जरूरत है.

उमा भारती का ट्वीट देखिए. (Twitter|Umasribharti)
16 अप्रैल को मीडिया से बातचीत करते हुए उमा भारती ने कहा था कि जिसका पति पर चोरी का आरोप हो, उसको लोग किस नजर से देखेंगे? चोर की पत्नी को किस नजर से देखा जाता है. एक चोर की पत्नी को जिस नजर से देखा जाता है, भारत उन्हें उसी नजर से देखेगा.
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