अब इस खबर में ट्विस्ट आ गया है. 'द क्विंट' ने इस पूरे मामले में ओरथानाडु के डीएसपी कामराजर से बात की. कामराजर ने इस पूरे मामले में द्रमुक या कांग्रेस की भूमिका होने से इनकार किया है.
क्या हुआ था उस दिन? ज्यादातर मीडिया संस्थानों ने ये खबर प्रकाशित की या दिखाई. लल्लनटॉप ने भी एजेंसी से मिले इनपुट के आधार ये खबर चलाई. ज्यादातर ने यही लिखा कि गोविंदराजन की हत्या उस वक्त की गई, जब वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में बोल रहा था. मोदी के समर्थन पर उसकी गोपीनाथ से बहस हो गई. दोनों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि गोपीनाथ ने गोविंदराजन पर हमला कर दिया. उसे मारा-पीटा. और इतना पीटा की कुछ ही देर में गोविंदराजन बेहोश हो गया. बाद में रात 9 बजे उसकी मौत हो गई. उस वक्त पुलिस ने आरोपी गोपीनाथ को कांग्रेस-डीएमके समर्थक बताया था. अब द क्विंट से बात करते हुए ओरथानाडु के डीएसपी ने इससे इनकार किया है. डीएसपी कामराजर के मुताबिक-
'मृतक गोविंदराजन मानसिक रूप से कमजोर था. वो उस वक्त खुद ही बड़बड़ा रहा था. आरोपी गोपीनाथ ने समझा कि गोविंदराजन उसके लिए कुछ अपमानजनक शब्द बोल रहा है. इसी बात पर दोनों के बीच बहस हो गई. गोपीनाथ ने गोविंदराजन को वहां से भाग जाने को भी कहा. हालात तब बिगड़ गए. जब आरोपी गोपीनाथ ने गोविंदराजन को धक्का दे दिया. और वो जमीन पर गिर गया.'गोविंदराजन की मौत कैसे हुई? विवाद बढ़ने पर लोगों ने बीच-बचाव करके मामला शांत करा दिया. लोगों ने गोविंदराजन से कहा कि वो अपने घर जाए. डीएसपी कुमारराजर के मुताबिक-
पुलिस अब मृतक को विक्षिप्त बता रही है. फोटो ट्विटर.
'गोविंदराजन घर जाने से पहले रास्ते में एक अस्पताल भी गया. वहां उसने अपनी मामूली चोटों का इलाज कराया. उस दौरान उसकी बेटी उसके साथ थी. इसके बाद गोविंदराजन घऱ चला गया. रात करीब नौ बजे उसने इडली खाई और आकर अपने कमरे में आराम करने लगा. करीब 45 मिनट बाद गोविंदराजन के परिवार वालों को वो बिस्तर पर मृत मिला. गोविंदराजन की मौत के बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर 14 अप्रैल को गोपीनाथ को गिरफ्तार कर लिया. गोपीनाथ अभी न्यायिक हिरासत में है. जांच चल रही है.'क्या आरोपी का डीएमके-कांग्रेस से कोई संबंध है? अब तक यही कहा जा रहा था कि आरोपी गोपीनाथ डीएमके-कांग्रेस गठबंधन का समर्थक था. देश भर के ज्यादातर अखबार और टीवी चैनल उसे डीएमके-कांग्रेस समर्थक ही बता रहे थे. सोशल मीडिया पर तो कांग्रेस-डीएमके की जमकर आलोचना भी हो रही थी. डीएसपी कुमारराजर के मुताबिक-
गोविंदराजर अपनी शर्ट पर जयललिता, एमजीआर और मोदी के फोटो लगाकर घूमता था. पर आरोपी गोपीनाथ का किसी राजनीतिक पार्टी से कोई संबंध नहीं है. आरोपी बस चालक है.हालांकि एक अन्य वेबसाइट 'द न्यूज मिनट' के मुताबिक आरोपी गोपीनाथ को डीएमके की रैलियों में झंडा पकड़ने के लिए बुलाया जाता था. और उसे इसके लिए पैसे दिए जाते थे.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को क्यों लपेटा? इस बीच भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर तमिलसाई सुंदराजन के खिलाफ झूठी खबर फैलाने की शिकायत की गई है. डीएमके ने उनके खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की है. पार्टी का कहना है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने जानबूझकर झूठ फैलाया. उनकी पार्टी के खिलाफ अपमानजनक बयान जारी किया. और ऐसा वोटरों को प्रभावित करने के लिए किया गया. सुंदराजन ने ही सबसे पहले ये ट्वीट किया था कि-
'गोविंदराजन की हत्या की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं. एक 75 साल के मजदूर को डीएमके-कांग्रेस समर्थक ने बुरी तरह मारा-पीटा. तंजावुर में वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के समर्थन में प्रचार कर रहा था.'
'वैसे गोविंदराजन का भाजपा से संबंध नहीं है. वो निजी तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने इलाके में प्रचार करता था. यही नहीं, अपनी शर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाकर चलता था. उसकी हत्या हिला देने वाली है. दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.'
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