मुरादाबाद लोकसभा सीट से BJP प्रत्याशी सर्वेश सिंह (Sarvesh Singh BJP) का वोटिंग के कुछ ही देर बाद निधन हो गया. 71 साल के सर्वेश लंबे समय से बीमार चल रहे थे. दिल्ली के AIIMS अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. वोटिंग के अगले दिन 20 अप्रैल की शाम को उन्होंने अंतिम सांस ली (Election Rules for Candidate Death). ऐसे में हर तरफ सवाल उठ रहे हैं कि अब चुनावों का क्या होगा, नतीजे किस आधार पर तय किए जाएंगे, क्या चुनाव रद्द हो जाएंगे और सबसे जरूरी सवाल कि अगर गिनती में मृतक उम्मीदवार के ज्यादा वोट निकल आए तो क्या होगा?
मुरादाबाद में फिर होगा चुनाव? वोटिंग से पहले, दौरान या तुरंत बाद कैंडिडेट की मौत होने पर क्या है नियम?
Moradabad से BJP कैंडिडेट Sarvesh Singh के निधन के बाद चुनाव पर क्या असर पड़ेगा? जानिए किसी प्रत्याशी के निधन के बाद दोबारा Election करवाने को लेकर क्या नियम हैं.


अगर किसी लोकसभा सीट पर वोटिंग हो चुकी है लेकिन काउंटिंग नहीं हुई और इस बीच किसी उम्मीदवार का निधन हो जाता है तो ऐसे में पहले तो काउंटिंग का इंतजार किया जाता है. काउंटिंग हुई तो दो ही नतीजे निकलेंगे. या तो हार या फिर जीत. नियमों के हिसाब से अगर मृतक उम्मीदवार की जीत हो जाती है तो चुनाव रद्द कर दिए जाते हैं और उस सीट पर फिर से वोटिंग कराई जाती है. वहीं अगर मृतक उम्मीदवार की हार हो जाती है तो चुनाव रद्द नहीं किया जाता. जिस उम्मीदवार को चुनाव में जीत मिलती है उसे ही विजेता मान लिया जाता है.
अगर वोटिंग से पहले मौत हो जाए तो?इस सिचुएशन में चुनाव रद्द कर दिए जाते हैं. इसके बाद उस सीट पर नई तारीख तय की जाती है और वोटिंग नए सिरे से शुरू होती है. अगर नामांकन के बाद उम्मीदवार की मौत हो जाए और नामांकन वैध निकले तो चुनाव रद्द हो जाएगा और पार्टी को फिर से नए उम्मीदवार का नामांकन दाखिल करना होगा. वहीं, अगर किसी पार्टी ने किसी सीट पर अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया, लेकिन उसके नामांकन करने से पहले ही उसका निधन हो गया तो राजनीतिक दल के पास विकल्प होगा कि वो उस सीट से नया उम्मीदवार खड़ा कर सके.
जैसे 30 जनवरी को सपा ने संभल सीट से शफीकुर्रहमान बर्क को उतारने की घोषणा की थी. 27 फरवरी को उनका 94 साल की उम्र में निधन हो गया. वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे. मुरादाबाद स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन के बाद टिकट परिवार के ही जियाउर्रहमान बर्क को दे दिया गया.
2018 में राजस्थान विधानसभा चुनाव के दौरान बसपा के उम्मीदवार लक्ष्मण सिंह की कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई थी. वो अपना नामांकन दाखिल कर चुके थे. इसलिए अलवर जिले के रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में चुनाव स्थगित कर दिया गया था. 200 की जगह 199 सीटों पर ही मतदान हुआ था. बाद में रामगढ़ सीट पर उपचुनाव हुआ था.
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2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में श्रीगंगानगर की करणपुर सीट से विधायक और कांग्रेस उम्मीदवार गुरमीत सिंह कुन्नर का दिल्ली एम्स में इलाज के दौरान निधन हो गया था. इस सीट पर भी बाद में उपचुनाव हुआ था.
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