पाकिस्तानी सेना की दो चौकियां भी उड़ाई गईं?
RSS के मुखपत्र ऑर्गनाइजर में एक बड़ा दावा किया गया है. ऑर्गनाइजर के मुताबिक, भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान आतंकियों के पांच लॉन्च पैड ही नहीं, दो सैनिक चौकियों को भी तबाह किया है. अखबार के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना की ये दोनों पोस्ट आतंकियों के लॉन्च पैड के साथ बनी हुई थीं. और इसलिए सेना को लॉन्च पैड उड़ाते हुए इन्हें भी तबाह करना पड़ा. इस अटैक को उड़ी की 19वीं डिवीजन, कुपवाड़ा की 28वीं डिवीजन और रजौरी सेक्टर की 25वीं डिवीजन ने अंजाम दिया था.कमेटी ऑन सिक्योरिटी को प्लान के बारे में सबकुछ पता था
'ऑर्गनाइजर' के नए अंक के मुताबिक, 28 सितंबर को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी को इस सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में सेना ने बता दिया था. हमलावरों को सजा देना और पाकिस्तान को संदेश देना इंडियन आर्मी के इस कदम का मकसद था.यूं दिया पाकिस्तानी आर्मी को गच्चा
सेना की कुपवाड़ा डिवीजन ने पाकिस्तानी आर्मी को गुमराह करने का जिम्मा उठाया. पाकिस्तानी आर्मी का ध्यान भारतीय सेना की गतिविधियों की ओर न जाए, इसलिए जहां काम लगने वाला था उससे अलग दूसरी पोस्ट पर गोलियां और मोर्टार दागने शुरू कर दिए. जिसके चलते भारतीय सैनिक आराम से LoC पार कर PoK में घुस गए. इसके बाद भारतीय कमांडोज ने हमला बोल दिया. भारतीय सेना ने आतंकियों के लॉन्च पैड के साथ पाक सेना की दो चौकियों को भी तबाह कर दिया. रिपोर्ट के मुताबिक आतंकियों के लॉन्च पैड पर जितने भी आतंकी मौजूद थे सभी को भारतीय सेना ने ढेर कर दिया. हालांकि आर्मी ने ऑफिशियल खुलासा नहीं किया था. DGMO लेफ्टिनेंट रणवीर सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में ये नहीं बताया था कि कितने आतंकी मारे गए हैं.सेना के सूत्रों का दावा, लश्कर के 20 आतंकी मारे
सेना के सूत्रों का दावा है कि सर्जिकल स्ट्राइक से सबसे ज्यादा नुकसान लश्कर-ए-तैयबा को हुआ. इस बैन ग्रुप के करीब 20 आतंकी मारे गए हैं. इंडियन आर्मी ने हमले के बाद पाकिस्तान में चल रही आपाधापी की बहुत सारी जानकारी जुटाई है. जिसमें पाकिस्तानी अधिकारियों की रेडियो पर हुई बातचीत भी शामिल है. सेना ने पाकिस्तान के बहुत से ग्रुप्स की रेडियो पर चल रही बातचीत को ट्रेस किया है. इससे ये भी पता चला है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में दुदनियाल एरिया वाले आतंकी शिविर में लश्कर ए तैयबा के आतंकी थे.700 मीटर अंदर घुसकर पाकिस्तानी आतंकियों और सैनिकों को मारा
खबर ये भी है कि सेना की डिवीजनों से ली गई पांच टीमों को कैल जिले और दुदनियाल के आतंकी संगठनों के ठिकानों को नष्ट करने का काम सौंपा गया था. 28 की रात को इंडियन आर्मी के जवान उस पार पहुंचे और LoC से करीब 700 मीटर की दूरी पर 4 आतंकी ठिकानों को उड़ा दिया. एक पाकिस्तानी चौकी इन ठिकानों को सिक्योरिटी भी देती थी. वैसे आतंकियों को इस बात का बिल्कुल अंदेशा नहीं था कि इंडियन आर्मी ऐसा कोई कदम उठा सकती है. इसके बजाए वो खुद कश्मीर और जम्मू के कुछ हिस्सों पर हमले की प्लानिंग में जुटे हुए थे.आतंकी पाकिस्तानी चौकियों की ओर भागे
जब इंडियन आर्मी ने आतंकी कैंप उड़ाने शुरू किए तो आतंकी पाकिस्तानी आर्मी की चौकी की ओर भागने लगे. आर्मी सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सफल हमले के बाद एक इफेक्टिव रेडियो लगाकर सारी बातों की खबर रख रही है. इसकी बातचीत के हिसाब से पाकिस्तानी सेना के रेडियो तंत्र के पकड़े गए संदेशों से संकेत मिला है कि चार आतंकी ठिकानों पर लगभग एक ही समय तड़ के किए गए हमलों के लश्कर के कम से कम 10 आतंकी मारे गए.नीलम घाटी में ट्रक से ले जाकर दफनाए गए आतंकी
सवेरा होने तक सारी लाशें ट्रकों में लादकर ले जाइ जा चुकी थीं. आतंकियों को पाकिस्तान की नीलम घाटी में दफनाया गया. पुंछ के सामने बलनोई एरिया के आतंकी ठिकानों पर भी आर्मी ने हमला किया. पाकिस्तान की इस ट्रेस रेडियो की दूसरी बातचीत में 9 आतंकियों के मरने की खबर है. सूत्रों ने बताया कि इस सेक्टर में इंडियन आर्मी के हमलों में पाकिस्तान की 8 उत्तरी लाइट इंफ्रेंट्री के दो जवान भी मारे गए हैं. जिनके मारे जाने की बात पाकिस्तान ने मान भी ली है. पाकिस्तान अभी भी ऑफिशियली आतंकियों के मारे जाने की बात से इंकार करता है. रेडियो पर ट्रेस बातचीत से ये पता चला है कि पाकिस्तानी सेना के डायरेक्टर जनरल के दफ्तर के ड्यूटी अफसर को इस सारी घटना के बारे में इंफार्म किया गया था.ये भी पढ़ें -














