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केरल के दो मुस्लिम छात्रों ने जीता 'रामायण क्विज', बोले- सबको पढ़नी चाहिए

जाबिर और बासित ने कहा कि सभी धर्म शांति की बात करते हैं, कोई भी नफरत को बढ़ावा नहीं देता है.

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बासित और जाबिर ने जीता रामायण क्विज. फोटो- PTI

सोशल मीडिया पर दो मुस्लिम छात्रों की कहानी वायरल हो रही है. दोनों ने रामायण पर ऑनलाइन क्विज जीता है. क्विज में एक हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था. जिसमें मलप्पुरम के दो मुस्लिम छात्रों ने टॉप किया.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मलप्पुरम के मोहम्मद जाबिर पीके और मोहम्मद बासित एम ने ऑनलाइन रामायण क्विज जीता है. दोनों KKHM इस्लामिक एंड आर्ट्स कॉलेज, वालेंचेरी में वेफी कोर्स कर रहे हैं. इन दोनों के अलावा पांच लोग क्विज के टॉप 5 में पहुंचे थे. लेकिन, फिलहाल चर्चा इन दोनों की ही हो रही है. दोनों को खूब बधाइयां मिल रही हैं. इस ऑनलाइन क्विज को पब्लिशिंग कंपनी डीसी बुक्स ने आयोजित किया था.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोहम्मद बासित एम की रामायण की पसंदीदा चौपाई ‘अयोध्याकांड’ की वो चौपाई है, जिसमें लक्ष्मण के क्रोध और भगवान राम की ओर से अपने भाई को दी जा रही सांत्वना का जिक्र है. इसमें भगवान राम साम्राज्य और शक्ति की निरर्थकता को विस्तार से बता रहे हैं. इसके अलावा  मोहम्मद बसीथ एम ‘आध्यात्म रामायणम’ के छंदों को अर्थ सहित सुनाते हैं. ‘आध्यात्म रामायणम’ महाकाव्य का मलयालम संस्करण है. इसे थूंचथु रामानुजन एझुथाचन ने लिखा है.

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बचपन में रामायण को जाना

क्विज जीतने के बाद छात्रों ने कहा कि वे बचपन से ही रामायण के बारे में जानते थे. लेकिन, इसके बारे में अच्छी जानकारी तब हुई, जब उन्होंने वाफी पाठ्यक्रम में रामायण और हिंदू धर्म के बारे में गहराई से पढ़ना और लिखना शुरू किया.  वहीं, जाबिर ने जीत के बाद ये भी संदेश दिया कि सभी को रामायण और महाभारत महाकाव्यों को पढ़ना चाहिए. जाबिर ने कहा,

'सभी भारतीयों को रामायण और महाभारत महाकाव्यों को पढ़ना और सीखना चाहिए क्योंकि वे देश की संस्कृति, परंपरा और इतिहास का हिस्सा हैं. मेरा मानना है कि इन ग्रंथों को सीखना और समझना हमारी जिम्मेदारी है. भगवान राम को अपने पूजनीय पिता दशरथ से किए गए वादे को पूरा करने के लिए अपने राज्य का भी त्याग करना पड़ा. सत्ता के लिए अंतहीन संघर्षों के दौर में रहते हुए, हमें भगवान राम जैसे पात्रों और रामायण जैसे महाकाव्यों के संदेश से प्रेरणा लेनी चाहिए.'

वहीं बासित का कहना है कि इस तरह की स्टडी से अन्य धर्मों और समुदायों के लोगों को करीब से समझने में मदद मिलेगी. उन्होंने ये भी जोड़ा कि कोई भी धर्म नफरत को बढ़ावा नहीं देता. सभी धर्म सिर्फ शांति और सद्भाव का प्रचार करते हैं. उन्होंने कहा कि ये क्विज जीतने के बाद से उन्हें रामायाण को और गहराई से सीखने की प्रेरणा मिली है.

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