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"अमित शाह साहब को फोन लगाओ"..क्यों बीच सड़क कुर्सी डालकर बैठे केरल के राज्यपाल?

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान एक कार्यक्रम में जा रहे थे. तभी रास्ते में SFI कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए और उनकी कार के पास तक आ गए.

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राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान सड़क किनारे कुर्सी डालकर बैठ गए. समझाने आए पुलिसवालों को भी फटकार दिया (फोटो- इंडिया टुडे)

“मेरी अमित शाह साहब से बात कराओ. नहीं तो प्रधानमंत्री से फोन कर बात करवाओ.”

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान (Kerala Governor Arif Mohammed Khan) 27 जनवरी को गुस्से में सड़क किनारे ही कुर्सी लगाकर बैठ गए. पुलिस पर जमकर भड़के और अपने स्टाफ को बुलाकर कहा कि अभी इसी वक्त मेरी अमित शाह या नरेंद्र मोदी से बात करवाओ. तमाम पुलिसकर्मी वहीं खड़े राज्यपाल से मान-मनौव्वल करते रहे. बड़ी मुश्किल से राज्यपाल वहां से उठे. 

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दरअसल, केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान 27 जनवरी को राज्य में ही कोल्लम के दौरे पर थे. यहां राज्यपाल की गाड़ी को SFI यानी स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के कुछ कार्यकर्ता काले झंडे दिखाने लगे. इसी के बाद राज्यपाल गुस्सा हो गए. गाड़ी रुकवाई और बाहर निकलकर सड़क किनारे कुर्सी डालकर बैठ गए. आरोप लगाया कि पुलिस के संरक्षण में SFI कार्यकर्ता ये सब कर रहे थे. इसी गुस्से में राज्यपाल ने अपने स्टाफ को बुलाया और कहा कि मेरी अभी गृह मंत्री या प्रधानमंत्री से बात कराओ. पुलिस को फटकारते हुए कहा कि तुम लोगों ने ही SFI को सुरक्षा दी है. 

(ये भी पढ़ें: केरल HC में 26 जनवरी पर नाटक हुआ, जज ने मोदी सरकार का अपमान बता 2 अफसरों को सस्पेंड कर दिया)

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SFI ने क्यों किया विरोध?

SFI कार्यकर्ताओं का आरोप है कि केरल के राज्यपाल राज्य में विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में अपने अधिकार का उपयोग करके केरल के कई विश्वविद्यालयों के सीनेट में बीजेपी-RSS के उम्मीदवारों को आगे बढ़ा रहे हैं. इस बारे में बोलते हुए एक SFI कार्यकर्ता ने कहा कि

"बिना किसी योग्यता के सुरेंद्रन को BJP दफ्तर से सिफारिश आने के बाद सीनेट में वापस ले लिया गया.  इसलिए SFI पिछले कई महीनों से राज्यपाल के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रही है. आज का विरोध उसी का हिस्सा था. हम किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं हैं. उन्होंने हमें ‘अपराधी’ कहा, इसलिए हम राज्य भर में विरोध प्रदर्शन करके उन्हें अपने विरोध की ताकत दिखाएंगे."


इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले महीने भी SFI कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद को तिरुवनंतपुरम में काले झंडे दिखाए थे. तब भी उन्होंने कार से बाहर निकलकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर की थी और पुलिस को भी ये कहते हुए फटकारा था कि ये लोग मेरी कार के पास कैसे आए.

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राज्यपाल को Z+ CRPF सुरक्षा

27 जनवरी की घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद और केरल राजभवन की सुरक्षा बढ़ा दी है. केंद्र ने उन्हें Z+ CRPF सुरक्षा देने का फैसला किया है.

राज्यपाल के CM विजयन पर आरोप

घटना के बाद राज्यपाल खान ने मीडिया से कहा,

‘’मैं यहां पहुंचा तो कुछ लोगों ने मेरी कार को टक्कर मारने की कोशिश की. मैंने पहले ही कहा था कि अगर काले झंडे दूर से दिखाए जाएं तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है. लेकिन अगर कोई मेरी कार के पास आएगा तो मैं उतर जाऊंगा. अगर मुख्यमंत्री विजयन इस सड़क से गुजर रहे होते तो क्या पुलिस प्रदर्शनकारियों को कार पर हमला करने की अनुमति देती? मैं पुलिस को दोष नहीं दे रहा. पुलिस आलाकमान से आदेश ले रही है. प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रदेश में अराजकता को बढ़ावा दे रहे हैं."

खान ने ये भी कहा कि विरोध प्रदर्शन में 50 से अधिक लोग शामिल थे लेकिन FIR केवल 17 लोगों के खिलाफ दर्ज की गई.

केंद्रीय मंत्री भी बोले

इस पूरे मामले पर केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि

“जो लोग राज्य सरकार से असहमत हैं उनके साथ आधिकारिक तौर पर दुर्व्यवहार किया जाता है. इसकी शुरुआत पिनाराई विजयन ने की थी जब वह कन्नूर में पार्टी के राज्य सचिव थे. अब सीएम बनने के बाद वही तरीका अपना रहे हैं. अगर सीएम को लगता है कि वह इस तरह के तरीकों से राज्यपाल को अपने वश में कर लेंगे तो वो आरिफ मोहम्मद खान को पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं.”

आज तक की रिपोर्ट  के मुताबिक इस मामले में पुलिस ने 13 SFI कार्यकर्ताओं के खिलाफ IPC की धारा 143, 144, 147, 283, 353, 124, 149 के तहत FIR दर्ज की है. 

वीडियो: सोशल मीडिया से जुड़े इस विवादित कानून को केरल के राज्यपाल ने मंजूरी दे दी

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