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मैन ऑफ द मैच जीतने के बाद केदार जाधव ने अपनी ट्रॉफी घर भिजवा दी

मैच के दौरान स्टेडियम में मौजूद था जाधव का परिवार.

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फोटो - thelallantop
पुणे का कोथरुड. एक मोहल्ले की चार मंजिला सोसायटी. इंडिया-इंग्लैंड के बीच इतवार को हुए पहले वनडे के बाद इस मोहल्ले में कुछ इस तरह के सवाल गूंज रहे थे, ''केदार जाधव का घर कौन सा है?'' कुछ लोग उनके घर पहुंचते भी हैं. ''केदार घरी येनार नही.'' केदार के पापा मराठी में बोलते हैं जिसका मतलब है केदार घर नहीं आएगा. केदार घर नहीं आएगा लेकिन उसकी ट्रॉफी घर आ चुकी है.
केदार जाधव. पुणे का लड़का. लोकल बॉय. 81 नंबर की नई जर्सी में इतवार को इंडिया-इंग्लैंड के बीच हुए मैच का हीरो. 76 गेंदों में ताबड़तोड़ 120 रन जड़ने वाला 'मैन ऑफ़ द मैच' केदार जाधव. जाधव ने मैन ऑफ द मैच की ट्रॉफी घर भिजवा दी. जाधव के घर में ख़ुशी बिखरी हुई थी.
मैन ऑफ द मैच ट्रॉफी के साथ जाधव की फैमिली
मैन ऑफ द मैच ट्रॉफी के साथ जाधव की फैमिली

कोहली और जाधव ने पांचवे विकेट के लिए 200 रन की पार्टनरशिप की. इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें विकेट के लिए ये सबसे बड़ी पार्टनरशिप थी. इंग्लैंड के 350 रनों का पीछा करते हुए एक वक्त पर इंडिया का स्कोर 63/4 हो गया था. तब जाधव और कोहली ने मामला संभाला और सब धुआं कर दिया.
जिस वक्त केदार मैच में कप्तान कोहली का साथ निभा रहे थे, उस वक्त स्टेडियम के स्टैंड्स से कुछ ख़ास आंखें उन्हें निहार रही थीं. केदार के पापा महादेव जाधव, उनकी मां मंदाकिनी जाधव और उनकी पत्नी स्नेहल भी स्टेडियम में मौजूद थे. स्नेहल ने कहा कि बच्चा रोने लगा था इसलिए मुझे जल्दी घर आना पड़ा.
केदार की बहन चारुशिला जाधव भी इमोशनल थीं. चारुशिला टीवी पर मैच देख रही थीं. उन्होंने कहा, ''मुझे केदार पर भरोसा था. वो डिफिकल्ट समय में अच्छा खेलता है. ऐसे ही मुझे याद है तीन चार साल पहले कर्नाटक और मुंबई के बीच रणजी मैच में टीम को जरूरत थी तो वो पूरा दिन खेलता रहा. ऐसे ही आज का दिन भी हमारे लिए स्पेशल बन गया है.''
जब केदार खेल रहे थे तब उन्हें चोट भी लगी थी. चारु ने बताया कि इससे मां स्टेडियम में परेशान हो गई थीं. उनसे किसी ने कहा कि सब ठीक हो जाएगा.
जाधव की बहन ने बताया, ''जब वो खेल रहा होता है तो बाजू वाले फ्लैट के बच्चे शोर मचाते हैं, कमेंट करते हैं. मैंने उन्हें मना कर दिया कि जब वो खेल रहा हो तो तुम लोग शोर नहीं मचाओगे. मैंने भाई के लिए गिफ्ट भी लिया है. मैं उसे गणपति बप्पा की मूर्ति दूंगी.''

जाधव ऑन फील्ड

पुणे में विराट कोहली की कप्तानी का पहला मैच. हालांकि इससे पहले भी वो कुछ मैचों में कप्तानी कर चुके हैं मगर वो कप्तानी धोनी की गैर मौजूदगी की वजह से मिली थी. यहां वो फ़ुल टाइम कैप्टन के तौर पर खेल रहे थे. धोनी ने अपनी बैटन कोहली के हाथ में थमा दी है. और लग रहा है ये गलत हाथों में नहीं गई है. कोहली ने टॉस जीता और इंग्लैंड को बल्ले-हेल्मेट के साथ बुलाया. इंग्लैंड ने 7 विकेट खोकर 350 रन बनाए. इसके बाद इंडिया वाले उतरे, स्कोर का पीछा करने. धवन के जाने के बाद कोहली वन डाउन आए. के एल राहुल सिर्फ 8 रन बनाकर जल्दी ही पवेलियन के रास्ते में लौटते पाए गए. लगभग तीन साल बाद किसी वन डे में कम बैक कर रहे युवराज सिंह आए. दूसरी गेंद पर छक्का जड़ दिया. लेकिन युवराज 12 गेंदों में 15 रन ही बना सके. धोनी आए. अब 'पूर्व कप्तान' लिखना पड़ेगा. धोनी भी सस्ते में निपट गए. 63 रन पर 4 विकेट गिर चुके थे. हालत खराब थी. इसके बाद एक शानदार साझेदारी जमने वाली थी. कप्तान कोहली (122 रन) और केदार जाधव (120 रन) के बीच.
केदार जाधव ने 65 गेंदों में पलक झपकते सेंचुरी जमाई. ये उनकी दूसरी वन डे सेंचुरी थी. वो इतनी तेजी से शतक लगाने वाले पांचवे बल्लेबाज हैं. इससे पहले विराट कोहली (52 गेंदों और 61 गेंदों में), वीरेन्द्र सहवाग (60 गेंद), अजहर( 62 गेंद) और युवराज ( 64 गेंद) का नंबर आता है.
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केदार जाधव महाराष्ट्र की तरफ से रणजी खेलते हैं. IPL में रॉयल चैलेंजर्स की टीम का हिस्सा हैं. इससे पहले दिल्ली डेयरडेविल्स और कोच्ची के लिए भी खेल चुके हैं. पहली बार जून 2014 में बांग्लादेश दौरे के लिए उनका टीम में चयन हुआ था लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला.
उन्होंने पहला इंटरनेशनल मैच श्रीलंका के खिलाफ नवम्बर 2014 में खेला. पहली सेंचुरी उन्होंने हरारे में ज़िंबाब्वे के खिलाफ जुलाई 2015 में मारी थी.

ये स्टोरी निशांत ने की है.

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