मोनू कानपुर के एक अस्पताल में भर्ती है. उसका लिंग और हाथ-पैर झुलस गए हैं. पुलिस शुरू में ये कहती रही कि मोनू को जाने कहां से एक माचिस मिल गई और उसने खुद को आग लगा ली (फोटो: रणजय सिंह, इंडिया टुडे)
उत्तर प्रदेश का कानपुर. एक हत्या के केस में पूछताछ के लिए पुलिस दो लड़कों को पकड़कर थाने लाई. पुलिस पर आरोप है कि उनमें से एक के प्राइवेट पार्ट पर पेट्रोल छिड़का और वहां करंट लगा दिया. आग लग गई. लड़के को अस्पताल में भर्ती कराया गया. आरोप है कि पहले तो पुलिस ने इस मामले को दबाने की कोशिश की. मगर फिर बात बिगड़ते देखकर आरोपी SHO सुधीर पंवार को सस्पेंड किया गया. ये बिठूर थाने की घटना है. यहां एक भिड़ैया नाम का गांव है. कुछ दिनों पहले वहां रेलवे पटरी के पास निर्मल नाम के एक शख्स की लाश मिली. इस केस की तफ़्तीश के दौरान 1 अप्रैल को पुलिस ने उन्नाव से दो लड़कों को पकड़ा. एक का नाम सोनू, एक का नाम मोनू. पुलिस इन्हें पूछताछ के लिए थाने लाई. लड़कों का कहना था कि उन्होंने मर्डर नहीं किया है. इल्ज़ाम है कि उनसे अपराध कबूल करवाने को पहले तो पुलिस ने लॉकअप में उन्हें खूब टॉर्चर किया. मारा-पीटा. फिर मोनू को नंगा किया और उसके प्राइवेट पार्ट पर पेट्रोल छिड़क करंट लगाने की घटना हुई. बाद में फिर पुलिस ने ही मोनू को कानपुर के रामा अस्पताल में भर्ती करवाया.
जिसे आग लगी, उसने क्या बताया?
कानपुर में इंडिया टुडे के साथ जुड़े पत्रकार रणजय सिंह ने हॉस्पिटल में भर्ती मोनू से बात की. मोनू का शरीर झुलस गया है. उसका कहना है-
बिठूर पुलिस थाने के लोग हमें पकड़कर लाए. पहले उन्होंने खूब मारपीट की. फिर मेरे ऊपर पेट्रोल डाला और पीछे से किसी ने बिजली वाली तार वहां छुआ दी. आग लग गई. फिर पुलिस ने ही आग बुझाकर मुझे अस्पताल में भर्ती कराया.
मोनू के साथ पकड़े गए सोनू के शरीर पर भी मार-पिटाई के निशान हैं. सोनू का कहना है कि पुलिस ने उसे भी उसी थाने में रखा हुआ था. उसकी भी खूब पिटाई की गई. सोनू के मुताबिक-
हम घर पर आराम से सो रहे थे. बिठूर थाने वाले आए और पकड़कर ले गए. खूब मारा. मैं लॉकअप में बंद था. मैंने देखा कि पुलिस ने मोनू को मारा-पीटा. उसके शरीर में आग लगते हुए भी देखा मैंने. फिर पुलिस ने मुझे वहां से हटा दिया.
पुलिस की थिअरी: मोनू ने खुद ही खुद को आग लगाई
पुलिस सोनू-मोनू को पकड़कर थाने लाने की बात तो मान रही है. मगर उनका कहना है कि आग उन्होंने नहीं लगाई. पुलिस के मुताबिक, मोनू को जाने कैसे एक माचिस मिल गई और उसने खुद को आग लगा ली. लॉकअप में मोनू के ऊपर पेट्रोल किसने छिड़का, इस बात का जवाब नहीं है पुलिस के पास. डेप्युटी SP अजय कुमार का कहना है-
बिठूर थाना सर्किल सोनू और मोनू को एक मर्डर की पूछताछ के सिलसिले में लाए थे. मोनू को कहीं से माचिस मिल गई, तो उसने खुद ही आग लगा ली. उसके परिवार के लोग कुछ शिकायत करेंगे, तो जांच करके कार्रवाई की जाएगी.
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