राज्यसभा की तीन सीटों के लिए आम आदमी पार्टी ने अपने तीन कैंडिडेट्स के नाम फाइनल कर दिए हैं. ये नाम हैं- संजय सिंह, नारायण (एनडी) गुप्ता और सुशील गुप्ता. इनमें संजय सिंह और एनडी गुप्ता के नाम तो पचा लिए जा रहे हैं, लेकिन कुमार विश्वास को टिकट न मिलने और सुशील गुप्ता को टिकट मिलने पर रार बढ़ गई है. केजरीवाल पर राज्यसभा की टिकट बेचने के आरोप लग रहे हैं.
क्या 100 करोड़ रुपए में बिका 'आप' का राज्यसभा टिकट?
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा कैंडिडेट्स घोषित होने के बाद विवाद शुरू हो गया है.


अरविंद केजरीवाल और सुशील गुप्ता
सुशील गुप्ता का नाम फाइनल होने के बाद पत्रकार अनंत विजय ने ट्वीट किया कि 'राज्यसभा की सीट 100 करोड़ रुपए में बिकी. विश्वास नहीं होता, लेकिन अगर ऐसा हुआ है, तो ये लोकतंत्र का सबसे काला दिन है.' देखिए अनंत विजय का ट्वीट.
अनंत के बाद दिल्ली से बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा कि सुशील गुप्ता को कैंडिडेट बनाए जाने की वजह बिल्कुल साफ है. उन्होंने कहा, 'मैं कोई आरोप नहीं लगा रहा हूं. मैं सारी सच्चाई जानता हूं. दीवारों पर बड़ा-बड़ा लिखा हुआ है. 100 करोड़ रुपए केजरीवाल को देकर आए. मैं सुशील गुप्ता को अच्छी तरह जानता हूं. वो मेरे लोकसभा क्षेत्र में रहते हैं और उनसे मेरा पुराना परिचय है. स्कूल और हॉस्पिटल चलाते हैं. उनकी बहुत ज़मीन है दिल्ली में. वो 5 हज़ार करोड़ के मालिक हैं.'

दिल्ली में बीजेपी से सांसद प्रवेश वर्मा
सुशील गुप्ता के चयन का इतना विरोध इसलिए हो रहा है, क्योंकि वो पहले कांग्रेस में थे और जल्दी ही 'आप' में शामिल हुए हैं. 'आप' से सुशील का राज्यसभा टिकट फाइनल होने के बाद दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने ट्वीट करके बताया कि सुशील ने 40 दिनों पहले ही कांग्रेस से इस्तीफा दिया है. जब सुशील माकन को अपना इस्तीफा देने गए, तो माकन ने उनसे वजह पूछी. सुशील ने बताया कि उन्हें राज्यसभा टिकट का वादा किया गया है. माकन ने जब ये मानने से इनकार कर दिया, तो सुशील ने उनसे कहा, 'आप नहीं जानते'.
देखिए माकन का ट्वीट:
'आप' के राज्यसभा कैंडिटेट्स का नाम फाइनल होने से पहले दिल्ली में 'आप' की PAC की बैठक हुई थी. इस बैठक में पार्टी सुप्रीमो और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तो थे, लेकिन पार्टी के दूसरे बड़े चेहरे कुमार विश्वास और संजय सिंह नहीं थे. इन्हीं दोनों के नाम पर अटकलें चल रही थीं, जिनमें से संजय सिंह का टिकट तो फाइनल हो गया, लेकिन कुमार विश्वास को राज्यसभा कैंडिडेट नहीं बनाया गया.
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'आप' नेता और पूर्व पत्रकार आशुतोष
PAC की इस मीटिंग में 'आप' के वरिष्ठ नेता और पूर्व-पत्रकार आशुतोष पहुंचे थे, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने कैंडिडेट्स बनाए गए नामों का खुलकर विरोध किया और विरोध जताने के बाद मीटिंग बीच में ही छोड़कर चले आए.
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