सरकार और अलगाववादी खेल रहे हैं पॉलिटिक्स-पॉलिटिक्स
इस मुद्दे पर सरकार और अलगाववादी दोनों ही एक-दूसरे पर इसके लिए इल्जाम लगा रहे हैं और पॉलिटिक्स-पॉलिटिक्स खेल रहे हैं. दोनों के ही इस रवैये के चलते स्कूल खोले जाने की सारी ही कोशिशें नाकाम होती दिख रही हैं. अलगाववादी अपने भाषणों में कह रहे हैं कि स्टूडेंट्स घरों से बाहर सेफ नहीं हैं. इसके पीछे उनका तर्क है कि कश्मीर उपद्रव के दौरान जितने भी लोग मारे गए या घायल हुए, ज्यादातर स्टूडेंट्स ही थे.उमर अब्दुल्ला बेहद भड़के हुए हैं
ऐसे में अपोजिशन लीडर और पूर्व चीफ मिनिस्टर उमर अब्दुल्ला ने सरकार और अलगाववादियों दोनों की ही आलोचना की है. उमर ने कहा, ऐसा करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. चाहे इसके पीछे अलगाववादी हों या फिर सरकार की गलती हो, दोनों को ही ऐसी कोई भी घटना रोकने के लिए काम करना चाहिए. NDTV की खबर के हिसाब से इस मुद्दे पर नेशनल कांफ्रेंस के नेता ने कहा, हमारे बच्चों से क्लासरूम छीन लेना और उन्हें पढ़ाई न करने देना सबसे गिरा हुआ काम है. और उन्हें नीचे गिराने का तरीका है. इससे एकेडमिक ग्रोथ खराब हो रही है.पुलिस बोली पहचान लिया, पकड़ भी लेंगे
अफसरों का कहना है कि जबसे कश्मीर प्रॉब्लम में ये एजुकेशन वाला प्वाइंट जुड़ा है, 12 लाख से भी ज्यादा स्टूडेंट्स कश्मीर में पिछले 4 महीनों से स्कूल नहीं जा पाए हैं. सारा बवाल जो हुआ है उसके चलते अब तक घाटी में 92 लोग मारे जा चुके हैं और हजारों घायल हुए हैं. साथ ही पिछले 112 दिनों से किसी भी स्कूल में पढ़ाई-लिखाई नहीं हुई है. टाइम्स ऑफ इंडिया के हिसाब से 8 अगस्त से अब तक कश्मीर में बवाल के दौरान 25 स्कूलों को जला दिया गया है. पुलिस का कहना है कि कुछ लोग बड़ी ही दुष्टता से प्लान करके स्कूलों को जला रहे हैं. माहौल बिगाड़ने वाले लोगों की पहचान भी कर ली गई है. अभी उनकी तलाश जारी है.गिलानी ने भी स्कूल जलाने वालों को दिया टिंचर
वहीं अलगाववादी नेता और हुर्रियत कांफ्रेंस के सीनियर लीडर सैयद अली शाह गिलानी ने भी कहा है, जो लोग इस तरह से स्कूलों को जलाने का काम कर रहे हैं, वो कश्मीरी आवाम के दुश्मन हैं. वैसे अभी घाटी के DPS स्कूल को खुलवाकर वहां पर बच्चों के एग्जाम कराए गए थे. ये घाटी का वही DPS स्कूल है जिसमें गिलानी की पोती पढ़ती है. ये एग्जाम एक इंडोर स्टेडियम में करवाए गए थे. कुछ भी हो किसी भी तरह के गुस्से के इजहार और विरोध के लिए स्कूलों को जलाया जाना बेवकूफी है. इसके पीछे वो लीचड़ लोग ही हो सकते हैं जिनको इतनी सी बात भी समझ नहीं आती कि स्कूलों से दुश्मनी निकालकर वो कश्मीर घाटी के फ्यूचर को ही तबाह कर रहे हैं.ये भी पढ़ें -














