रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार ने अपनी तकलीफ बताई. उनकी पत्नी करवा चौथ का व्रत रख रही थीं. प्रमोद को घर जाने नहीं दिया गया. वो कॉलेज आईं ताकि व्रत खोल सकें. उनको अंदर आने नहीं दिया गया. कई और लोग थे जिनके घर में कोई न कोई व्रत था. कुछ लोगों की तबीयत खराब थी. लेकिन किसी को घर नहीं जाने दिया. VC, प्रॉक्टर और कई सीनियर लोग एडमिन बिल्डिंग में फंसे रहे.पॉलिटिकल मामला तो है ही पूरा. सब लोगों ने नजीब से भी रिक्वेस्ट की है कि कहीं हो और ये सब देख-सुन रहा हो तो लौट आए. उसकी पूरी मदद की जाएगी.
कौन है नजीब अहमद
स्कूल ऑफ बायोटेक्नॉलजी से MSc कर रहा है नजीब. शनिवार से लापता है, ऐसा लोग कह रहे हैं. उसके गायब होने से पहले कैंपस में लड़ाई झगड़ा मार कुटाई हुई थी. नजीब के घर वालों ने वसंत कुंज नॉर्थ में किडनैपिंग की FIR दर्ज करा दी. लेकिन नजीब के लड़ाई-झगड़े की वजह, उसके गायब होने की वजह पर माथापच्ची करते रहो. लेकिन नजीब न जाने कहां गायब है.एडमिनिस्ट्रेशन के लोगों को बंधक बनाने वालों की डिमांड
इनकी मांगें जो हैं, उनकी मनवाई में थोड़ा पेच है. पेच ये कि जब सारी पहले ही मान ली गई हैं तो उनको फिर से कैसे माना जाए. पहली मांग थी कि स्टूडेंट के खोजने के लिए पुलिस के पास रपट करे. VC कह रहे हैं कि वो तो कर चुके. लगातार पुलिस के कनेक्शन में हैं. दूसरी मांग है कि प्रॉक्टोरियल डिपार्टमेंट इस मामले की जांच करे और कार्यवाही करे. ये काम भी शुरू हो चुका है. तीसरी मांग कि एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट नजीब से कहे कि वो लौट आए. ये मांग भी पहले ही मानी जा चुकी है. इसके बावजूद सारे लोगों को जबरदस्ती गैरकानूनी रूप से अंदर फंसा के रखा गया. जब ये शाम को निकलने लगे तो स्टूडेंट्स गेट के आगे लेट गए. अब टीचर लोग उनके ऊपर से चलकर तो जा नहीं सकते थे. तो फंसे रहे वहीं.दूसरे खेमे की सुगबुगाहट
दूसरा खेमा नजीब को ही कठघरे में खड़ा किए है. कि उसने ही मार-पीट शुरू की. और अब जो यहां एडमिन लोगों को बंधक बनाया गया है ये तो महाघटिया काम है. देखो ट्वीट्स, जिनमें बताया गया है कि नजीब खुद आरोपी है. और उसकी वजह से कॉलेज स्टाफ को परेशान करने वाले लाठी खाने वाला काम कर रहे हैं. 1.
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उसके लिए कॉलेज स्टूडेंट्स की पोस्ट भी देखनी चाहिए.
कुछ स्टूडेंट्स पढ़ने की बजाय राजनीति कर रहे हैं
गृहमंत्री राजनाथ सिंह रात से अब तक दो बार इस मुद्दे पर दिल्ली के पुलिस कमिश्नर से बात कर चुके हैं. गृह राज्यमंत्री किरन रिजिजू बहुत गुस्साए हैं. भरे बैठे हैं एकदम. कहा कि कुछ स्टूडेंट्स यहां पढ़ने नहीं राजनीति करने आए हैं. राजनीति लाइन के लोग ऐसी बात कहें तो उनको सीरियसली लेना चाहिए. राजनाथ सिंह की दो मीटिंग के बाद ये हिसाब बना है कि पुलिस टीम बनाकर नजीब को खोजेगी. ये भी पढ़ें: JNU के छात्रों को सरेआम पाकिस्तानी कहा, मिडिल फिंगर दिखाई JNU की पढ़ाई छोड़, 'दिल्ली का बाबू' बना गांव का मुखिया AMU का मुल्ला भागकर JNU आया तो क्या मिला














