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अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान को शराब के ठेके के आगे बैठा दिखा बुरे फंसे JDU के अजय आलोक

असल फोटो कुछ और ही निकला.

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फोटो का सच जान कर हैरान हो जाएंगे.
अजय आलोक. जनता दल (यूनाइटेड) के नेता. उन्होंने सोमवार 17 जनवरी को ट्विटर पर एक फोटो पोस्ट (आर्काइव) किया. इसमें दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान शराब की दुकान के सामने बैठे हुए नज़र आ रहे हैं. ट्वीट के साथ अजय आलोक ने लिखा,
ये मान साहब को CM बना दें (तो) सारा पंजाब मदमस्त सुरूर में आ जाएगा, ड्रग्स की समस्या ख़त्म हो जाएगी, कैबिनेट मस्त हो जाएगा, प्रशासन हल्का-हल्का सुरूर में रहेगा, पूरे प्रदेश से चूहे भाग जाएंगे, क्योंकि Bagpiper की धुन बजेगी.
ट्वीट आते ही इसमें पोस्ट की गई तस्वीर तेजी से शेयर की गई. कई लोगों ने अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी को कटघरे में खड़ा कर दिया. अमर लाल नाम के यूजर ने लिखा,
जिस किसी दिन केजरीवाल दिल्ली में विपक्ष में बैठेंगे और सरकार ने दिल्ली में शराब को बैन कर दिया, (तब) बैन के खिलाफ अनशन धरना सबसे पहले इसी के नेतृत्व में होगा. और उसके बाद संभवतः अगला चुनाव इस मुद्दे पर लड़ा जाए कि हम ठेका चालू करवाएंगे, हमें वोट दीजिए.
  अमित गोयल ने लिखा,
मौलाना मौलवी मोहम्मद केजरुद्दीन दिल्ली में 6 साल में 800 से ज्यादा नये शराब के ठेके खोलकर, दिल्ली की जनता को नशा मुक्त कर, अब पंजाब मे शराबी नशेड़ी बेवड़े भगवंत मान को मुख्यमंत्री बनाकर, पूरे पंजाब की जनता को नशेड़ी बनाकर पंजाब को भी नशा मुक्त करेगा.
कुछ यूजर्स ने अजय आलोक को भी घेरा. राजेश कुमार ने उनकी ट्वीट को बिहार की कहानी बता दिया. लिखा,
सारे के सारे बिहार की कहानी लिख दिए हैं. बिहार में दारू हर जगह मिलती है. प्रशासन मस्त है दारू बंदी के नाम पर लूट कर. शराब चूहे पी जाते हैं थाने में और कैबिनेट तो मस्त है ही ट्रांसफर करने में. मंत्रियों के घर छापा पड़े तो लाखों मिलेंगे. आपके ही मंत्री बोले.
  हालांकि कुछ लोगों ने अजय आलोक को बताया कि जिस तस्वीर पर उन्होंने मजे लेने की कोशिश की है, वो फर्जी है. पत्रकार प्रेरणा शर्मा ने ट्वीट कर कहा,
"सही तस्वीर ये है. जो तस्वीर आपने साझा की है, वो गलत तस्वीर है अजय आलोक जी."
  राजकुमार ने लिखा,
"एडिटिंग तो सही से कर लेते. खटिया के नीचे हरियाली नजर आ रही है. शराब के ठेके पर कब से हरियाली होने लगी. शराब के ठेके पर कब से खटिया का इस्तेमाल होने लगा है."
वहीं लल्लनटॉप के फैक्ट चेकर अंशुल ने भी इस तस्वीर की सच्चाई खोज निकाली. उन्होंने ट्वीट में लिखा,
"पहले वीडियो से स्क्रीनशॉट लिया फिर फोटोशॉप का इस्तेमाल कर खेत की जगह ठेका चिपका दिया."
    कब और कहां की है तस्वीर? सच ये है कि अजय आलोक गलती कर गए हैं. उन्होंने अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की जो तस्वीर अपने ट्विटर हैंडल से डाली है, उसके साथ खेल किया गया है. मतलब वो एडिटेड है. असल तस्वीर पंजाब के चमकौर साहिब की है. पंजाब विधानसभा चुनाव के सिलसिले में अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान कुछ दिन पहले वहां गए थे. वहां उन्होंने किसानों से बात की थी. इस दौरान उनके पीछे शराब का ठेका नहीं, बल्कि खेत दिख रहा था. इस बातचीत का वीडियो आम आदमी पार्टी ने अपने  भी किया है. अब हुआ ये कि किसी ने एडिटिंग टूल्स का इस्तेमाल कर इस तस्वीर का बैकग्राउंड बदल दिया. खेत की जगह अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के पीछे शराब की दुकान की तस्वीर लगा दी. यही तस्वीर अजय आलोक तक पहुंची तो उन्होंने बिना किसी जांच-पड़ताल के इसे अपने ट्विटर अकाउंट पर चेप दिया. खबर लिखे जाने तक उन्होंने इसे नहीं हटाया था.

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