सीबीडीटी ने क्या कुछ कहा इस पूरे मामले पर? CBDT ने 8 अप्रैल की रात एक बयान जारी किया. इसमें कहा-
'अब तक शराब की 252 बोतलें, कुछ हथियार और बाघ की खाल के अलावा 14.6 करोड़ रुपए की बिना हिसाब की नकदी मिली है. मध्य प्रदेश में छापेमारी से कारोबार, राजनीति और सार्वजनिक सेवा समेत कई क्षेत्रों से जुड़े लोगों के जरिए 281 करोड़ रुपए की बेहिसाब नकदी जुटाने के बड़े और संगठित रैकेट का पता लगा है.'CBDT ने आगे कहा-
'नकदी का एक हिस्सा दिल्ली में एक बड़े राजनीतिक दल के ऑफिस तक भेजा गया है. इसमें वो 20 करोड़ रुपए भी शामिल हैं, जो हाल में हवाला के जरिए दिल्ली के तुगलक रोड पर रहने वाले एक सीनियर पदाधिकारी के घर से राजनीतिक दल के मुख्यालय तक पहुंचाए गए.' CBDT ने किसी दल या नेता का नाम नहीं लिया.

आरोप है कि नकदी का इस्तेमाल चुनाव में होना था. फाइल फोटो.
और क्या-क्या मिलने का दावा किया आयकर विभाग ने?
1-पैसा इकट्ठा करने का रिकॉर्ड 2-हाथ से लिखी डायरी 3-कंप्यूटर फाइलें 4-एक्सेल शीट के रूप में नकदी का रिकॉर्ड 5-230 करोड़ के बिहसाब लेन-देन का रिकॉर्ड 6-242 करोड़ रुपए से ज्यादा की वसूली का ब्योरा 7-कर चोरी करने वाली 80 कंपनियों का ब्योरा 8-दिल्ली के पॉश इलाकों में कई बेनामी संपत्तियां
क्यों मारे गए ये छापे? इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को सूचना मिली थी कि टैक्स चोरी हो रही है. हवाला के जरिए लेन-देन हो रहा है. दैनिक भास्कर के मुताबिक हवाला के तार भोपाल में अश्विन शर्मा और इंदौर में ललित छजलानी तक जा पहुंचे. फिर नाम जुड़ा प्रवीण कक्कड़ और आरके मिगलानी का. भोपाल और इंदौर में चार महीने के दौरान बड़ी रकम इकट्ठा की गई है.
कहां-कहां मारे गए छापे? हवाला और टैक्स चोरी की सूचना पर आयकर विभाग ने 7 अप्रैल को भोपाल, इंदौर, गोवा और दिल्ली-एनसीआर में अलग-अलग जगहों पर छापे मारे. विभाग के 300 कर्मचारियों ने कुल 52 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया. सूत्रों के मुताबिक ये नकदी चुनाव प्रचार में इस्तेमाल के लिए लाई गई थी. बरामद नकदी का इस्तेमाल मध्य प्रदेश और दिल्ली में चुनाव प्रचार और मतदाताओं को बांटने लिए होना था.
कमलनाथ के किन करीबी लोगों पर मारे गए छापे?
1-प्रवीण कक्कड़, ओएसएडी, कमलनाथः सीएम के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ इंदौर में टीआई थे. एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम से चर्चा में आए. 2004 में नौकरी छोड़कर पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के स्टॉफ ऑफिसर बन गए.
2-अश्विन शर्मा, आर्म्स डीलरः अश्विन शर्मा और प्रतीक जोशी का असलहों का कारोबार है. अफसरों तक आसान पहुंच. कहा जाता है कि ट्रांसफर-पोस्टिंग में भी ये सक्रिय रहते हैं. प्रवीण कक्कड़ से इनका जुड़ाव है.
3-राजेंद्र मिगलानी, मुख्यमंत्री के सलाहकारः कमलनाथ के सारे निजी काम देखते हैं. मुख्यमंत्री से कौन मिलेगा, ये मिगलानी तय करते हैं.
4-रतुल पुरी, कमलनाथ के भांजे : रतुल कमलनाथ के भांजे हैं. अमिरा ग्रुप और मोजर बियर कंपनी से जुड़े हैं. ED अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर मामले में पूछताछ कर ही रही है. हिंदुस्तान पॉवर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष भी हैं.
...और भाजपा नेताओं को सब कुछ पहले ही पता चल गया! सीबीडीटी ने 8 अप्रैल की रात एक बयान जारी किया. इसमें कहा कि छापे के दौरान 281 करोड़ रुपए के अवैध लेन-देन के रैकेट के सबूत मिले हैं. मगर भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने 8 अप्रैल को सुबह 10.53 पर ही एक ट्वीट कर दिया था. इस ट्वीट में उन्होंने लिखा-
'मध्य प्रदेश में तबादला एक्सप्रेस पटरी से उतरने के कारण दुर्घटनाग्रस्त. जान का कोई नुकसान नहीं, लेकिन 281 करोड़ के माल के नुकसान का अनुमान.'
म प्र मे तबादला एक्सप्रेस पटरी से उतरने के कारण दुर्घटनाग्रस्त














