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जानिए कमलनाथ के करीबियों के घर इनकम टैक्स के छापे में क्या-क्या मिला?

भाजपा को 281 करोड़ का आंकड़ा पहले ही कैसे पता चल गया?

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इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को 14.6 करोड़ रुपए की बिना हिसाब की नकदी मिली है. फाइल फोटो. इंडिया टुडे
एमपी के सीएम कमलनाथ के करीबियों के पास से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को छापे के बाद क्या-क्या मिला है? 281 करोड़ रुपए की बेहिसाब नकदी का रैकेट. ध्यान दीजिएगा, नकदी नहीं मिली, नकदी का रैकेट यानी गिरोह पता चला है. नकदी मिली है 14.6 करोड़ रुपए की. इनकम टैक्स को छापे में और क्या मिला? कुछ संदिग्ध लेन-देन की डायरी और कंप्यूटर फाइलें. ये दावे केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड CBDT के हैं. CBDT मुताबिक एक और सुराग मिला है. क्या? वो ये कि 20 करोड़ रुपए की नकदी हवाला के जरिए तुगलक रोड पर रहने वाले 'एक अहम शख्स' के घर से 'दिल्ली की बड़ी राजनीतिक पार्टी के ऑफिस' तक पहुंचाई गई. सीबीडीटी ने पूरी जानकारी चुनाव आयोग को दी है. CBDT इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के लिए नीतियां बनाने का काम करता है.
सीबीडीटी ने क्या कुछ कहा इस पूरे मामले पर? CBDT ने 8 अप्रैल की रात एक बयान जारी किया. इसमें कहा-
'अब तक शराब की 252 बोतलें, कुछ हथियार और बाघ की खाल के अलावा 14.6 करोड़ रुपए की बिना हिसाब की नकदी मिली है. मध्य प्रदेश में छापेमारी से कारोबार, राजनीति और सार्वजनिक सेवा समेत कई क्षेत्रों से जुड़े लोगों के जरिए 281 करोड़ रुपए की बेहिसाब नकदी जुटाने के बड़े और संगठित रैकेट का पता लगा है.'
CBDT ने आगे कहा-
'नकदी का एक हिस्सा दिल्ली में एक बड़े राजनीतिक दल के ऑफिस तक भेजा गया है. इसमें वो 20 करोड़ रुपए भी शामिल हैं, जो हाल में हवाला के जरिए दिल्ली के तुगलक रोड पर रहने वाले एक सीनियर पदाधिकारी के घर से राजनीतिक दल के मुख्यालय तक पहुंचाए गए.' CBDT ने किसी दल या नेता का नाम नहीं लिया.
आरोप है कि नकदी का इस्तेमाल चुनाव में होना था. फाइल फोटो.
आरोप है कि नकदी का इस्तेमाल चुनाव में होना था. फाइल फोटो.

और क्या-क्या मिलने का दावा किया आयकर विभाग ने?
1-पैसा इकट्ठा करने का रिकॉर्ड 2-हाथ से लिखी डायरी 3-कंप्यूटर फाइलें 4-एक्सेल शीट के रूप में नकदी का रिकॉर्ड 5-230 करोड़ के बिहसाब लेन-देन का रिकॉर्ड 6-242 करोड़ रुपए से ज्यादा की वसूली का ब्योरा 7-कर चोरी करने वाली 80 कंपनियों का ब्योरा 8-दिल्ली के पॉश इलाकों में कई बेनामी संपत्तियां
क्यों मारे गए ये छापे? इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को सूचना मिली थी कि टैक्स चोरी हो रही है. हवाला के जरिए लेन-देन हो रहा है. दैनिक भास्कर के मुताबिक हवाला के तार भोपाल में अश्विन शर्मा और इंदौर में ललित छजलानी तक जा पहुंचे. फिर नाम जुड़ा प्रवीण कक्कड़ और आरके मिगलानी का. भोपाल और इंदौर में चार महीने के दौरान बड़ी रकम इकट्ठा की गई है.
कहां-कहां मारे गए छापे? हवाला और टैक्स चोरी की सूचना पर आयकर विभाग ने 7 अप्रैल को भोपाल, इंदौर, गोवा और दिल्ली-एनसीआर में अलग-अलग जगहों पर छापे मारे. विभाग के 300 कर्मचारियों ने कुल 52 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया. सूत्रों के मुताबिक ये नकदी चुनाव प्रचार में इस्तेमाल के लिए लाई गई थी. बरामद नकदी का इस्तेमाल मध्य प्रदेश और दिल्ली में चुनाव प्रचार और मतदाताओं को बांटने लिए होना था.
कमलनाथ के किन करीबी लोगों पर मारे गए छापे?
1-प्रवीण कक्कड़, ओएसएडी, कमलनाथः सीएम के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ इंदौर में टीआई थे. एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम से चर्चा में आए. 2004 में नौकरी छोड़कर पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के स्टॉफ ऑफिसर बन गए.
2-अश्विन शर्मा, आर्म्स डीलरः अश्विन शर्मा और प्रतीक जोशी का असलहों का कारोबार है. अफसरों तक आसान पहुंच. कहा जाता है कि ट्रांसफर-पोस्टिंग में भी ये सक्रिय रहते हैं. प्रवीण कक्कड़ से इनका जुड़ाव है.
3-राजेंद्र मिगलानी, मुख्यमंत्री के सलाहकारः कमलनाथ के सारे निजी काम देखते हैं. मुख्यमंत्री से कौन मिलेगा, ये मिगलानी तय करते हैं.
4-रतुल पुरी, कमलनाथ के भांजे : रतुल कमलनाथ के भांजे हैं. अमिरा ग्रुप और मोजर बियर कंपनी से जुड़े हैं. ED अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर मामले में पूछताछ कर ही रही है. हिंदुस्तान पॉवर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष भी हैं.
...और भाजपा नेताओं को सब कुछ पहले ही पता चल गया! सीबीडीटी ने 8 अप्रैल की रात एक बयान जारी किया. इसमें कहा कि छापे के दौरान 281 करोड़ रुपए के अवैध लेन-देन के रैकेट के सबूत मिले हैं. मगर भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने 8 अप्रैल को सुबह 10.53 पर ही एक ट्वीट कर दिया था. इस ट्वीट में उन्होंने लिखा-
'मध्य प्रदेश में तबादला एक्सप्रेस पटरी से उतरने के कारण दुर्घटनाग्रस्त. जान का कोई नुकसान नहीं, लेकिन 281 करोड़ के माल के नुकसान का अनुमान.'

म प्र मे तबादला एक्सप्रेस पटरी से उतरने के कारण दुर्घटनाग्रस्त

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जान का कोई नुकसान नही लेकिन 281 करोड़ के माल के नुकसान का अनुमान😄😄
— Chowkidar Kailash Vijayvargiya (@KailashOnline) April 8, 2019

कैलाश विजयवर्गीय ने 9 अप्रैल की शाम एक और ट्वीट किया. इसमें उन्होंने लिखा-

सोनिया-मनमोहन की सरकार में ‘15% कमीशन वाले’ मंत्री थे कमलनाथ। अब इनके रंग फिर दिख रहे हैं।

देश को जो बेच खाएं, उनके झांसे में ना आएं। pic.twitter.com/445gTNOUVV

— Chowkidar Kailash Vijayvargiya (@KailashOnline) April 9, 2019

कैलाश विजयवर्गीय के इस ट्वीट के बाद कांग्रेस के नेता और आक्रामक हो गए. उनका कहना है कि आखिर भाजपा नेताओं को कैसे पता कि रकम कितनी है. मुख्यमंत्री कमलनाथ के मीडिया कोऑर्डिनेटर नरेंद्र सलूजा ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, भाजपा नेता को इस रकम के बारे में सुबह ही कैसे पता चल गया. ये किस तरह की मिलीभगत है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौर में ये कांग्रेस की छवि खराब करने की कोशिश है और कुछ नहीं
मुख्यमंत्री के ओएसडी ने क्या कहा?
प्रवीण कक्कड़ ने छापेमारी पर बात करते हुए कहा है कि 'दो दिन की लंबी छापेमारी के बावजूद उन्हें ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला, जिसे वे जब्त कर सकें. अधिकारियों को कोई नकदी या आभूषण नहीं मिला. उन्हें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं लगा. ये एक राजनीतिक ऑपरेशन था. ये आयकर विभाग का छापा नहीं. बल्कि भारतीय जनता पार्टी का राजनीतिक ऑपरेशन था.'
 


वीडियोः मध्य प्रदेश के सीएम के कॉलेज में राजस्थान के डिप्टी सीएम ने पढ़ाई की थी

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