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फोटोकॉपी वाले से बोला- 'IAS अधिकारी हूं', सरकारी नौकरी के लालच में दुकानदार ने लाखों लुटा दिए

गुजरात में एक शख्स ने फर्जी आईएएस बनकर लाखों रुपये ठग लिए. पुलिस के मुताबिक आरोपी रौनक ने खुद को डिप्टी कलेक्टर बताकर ठगी अंजाम दी. सरकारी नौकरी लगवाने का लालच देकर एक दुकानदार और दूसरे व्यक्ति से 7.70 लाख रुपये ठग लिए.

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गुजरात के आणंद में शख्स ने खुद को IAS बताकर दुकानदार से लाखों रुपये लूटे. (फाइल)

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  • आणंद जिले में एक शख्स ने खुद को IAS अधिकारी बताकर नायब तहसीलदार की नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से 7.70 लाख रुपये नकद ऐंठ लिए, जिसके बाद उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
  • आरोपी रौनक क्रिस्चियन ने फर्जी सरकारी आईडी कार्ड बनवाकर और झूठे सरकारी पद का दावा करके दुकानदार और एक अन्य व्यक्ति को ठगा, जिससे शिकायतकर्ता पुलिस के पास पहुँचे।
  • पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लैपटॉप, प्रिंटर, मोबाइल, फर्जी आईडी और दस्तावेज बरामद किए हैं और अब उसके फर्जीवाड़े की जांच कर रही है और पूछताछ जारी है।
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ब्रिजेश दोशी

गुजरात के आणंद जिले में एक शख्स ने खुद को IAS अधिकारी बताकर नौकरी दिलाने के बहाने लोगों से लाखों रुपये ऐंठ लिए. उसने पीड़ितों को नायब तहसीलदार की सीधी भर्ती में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था. खुद को IAS अधिकारी साबित करने के लिए उसने असली जैसा दिखने वाला फर्जी सरकारी आईडी कार्ड भी बनवाया था. उसकी बातों में आकर कई लोग मोटी रकम गंवा बैठे. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. 

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आजतक से जुड़े ब्रिजेश दोशी की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने ID कार्ड में अपना नाम रौनक क्रिस्चियन रखा था. उसने एक दुकानदार और एक अन्य व्यक्ति को झांसे में फंसाकर कुल 7.70 लाख रुपये नकद लिए.

क्या कहकर लोगों को ठगा?  

पुलिस के मुताबिक, आरोपी रौनक आणंद के सालेमनगर सोसाइटी का रहने वाला है. उसने बाकरोल रोड स्थित एक जेरॉक्स की दुकान पर अपनी कथित सरकारी पहचान दिखाई थी. उसने दावा किया कि वो IAS अफसर है और इस वक़्त डिप्टी कलेक्टर के पद पर तैनात है. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने नौकरी लगवाने का लालच देकर दुकानदार नीरज पटेल और एक अन्य व्यक्ति से अलग-अलग किश्तों में पैसे लिए थे. कुल 7.70 लाख रुपये नकद पैसे ऐंठे गए. 

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ID
आरोपी का फर्जी ID कार्ड. 

शिकायतकर्ता का दावा है कि आरोपी ने उन्हें नायब तहसीलदार की नौकरी दिलवाने का झांसा दिया था. उसे लगा कि कथित सरकारी संपर्कों की मदद से उसकी नौकरी लग जाएगी. लेकिन वक़्त बीता और न नौकरी लगी और न पैसे वापस मिले.  

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पुलिस से मांगी मदद

जब लंबे समय तक पैसे वापस करने में टालमटोल होने लगा तब शिकायतकर्ता ने आणंद टाउन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. फिर पुलिस की टीम ने तकनीकी निगरानी और सूत्रों की मदद से आरोपी रौनक क्रिस्चियन को पकड़ लिया. 

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पुलिस को उसके पास से एक लैपटॉप, प्रिंटर, मोबाइल फोन, फर्जी IAS आईडी कार्ड, सरकारी स्टांप और कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज मिले हैं. अब पुलिस ये जांच कर रही है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कब और कहां किया गया. ये भी पता लगाया जा रहा है कि और किसी व्यक्ति ने तो उसे पैसे नहीं दिए थे. रौनक पुलिस की गिरफ्त में है और उससे पूछताछ चल रही है. 

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