इंडिया ने PoK में सर्जिकल स्ट्राइक की. इसके बाद रविवार रात 11 बजे के करीब जम्मू-कश्मीर के बारामूला में आर्मी कैंप पर आतंकी हमला हुआ. रात के अंधेरे में आतंकी आए. हमारे जवानों पर फायरिंग की. इटावा के 24 साल के बीएसएफ कॉन्स्टेबल नितिन कुमार शहीद हो गए.

शहीद नितिन कुमार
दो घायल जवान आरआर अस्पताल में एडमिट हैं. हमला करने वाले सभी आतंकी भाग निकले. एक भी, आई रिपीट, एक भी आतंकी न पकड़ा गया. न ही 46 राष्ट्रीय राइफल्स पर हुए हमले के दौरान एक भी आतंकी मारा गया. हालांकि ये आतंकी कैंप में नहीं घुस पाए.
ये रविवार देर रात से सोमवार सुबह तक का सच है. ऐसे वक्त का सच, जब न्यूज चैनलों में हरे रंग की स्क्रीन के आगे खड़े होकर युद्ध का मैदान बना दिया गया है, जहां एनीमेशन वाले फौजी आते हैं. फायरिंग करते हैं. न्यूज 'चुन्नलों' की टोन में 'सुन ले पाकिस्तान, हैं तैयार हम' भाव चूता रहता है. अब जब सर्जिकल स्ट्राइक के बाद इंडियन आर्मी पर पहला आतंकी हमला हो चुका है. तो यही 'चुन्नल' एक ब्रेकिंग चला रहे हैं,
'सेना ने नाकाम किया आतंकी हमला'
'पाक की नापाक साजिश नाकाम'
ऊपर लिखी इन दो लाइनों में 'आत्ममुग्धता' की वजह से दो बड़ी गलतियां हैं. आइए अब आपको आत्ममुग्धता हटाकर सही लाइन पढ़वाते हैं.
'आतंकी हमला नाकाम करने में नाकाम हुई सेना'
'पाक की नापाक साजिश सुपरहिट'
पहले उड़ी अटैक. फिर सर्जिकल स्ट्राइक. पूरे इंडिया में लगभग रेड अलर्ट है. खुफिया एजेंसियां आतंकी हमलों को लेकर इनपुट दे चुकी हैं. होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह अलर्ट पर रहने की बात कर चुके हैं. ऐसे में 85 दिन से जिस कश्मीर में आग लगी हुई. जहां की ज्यादातर लोकल आवाम के लिए सेना वैसे भी 'दुश्मन' है.
उस कश्मीर के सरहद के करीब बारामूला में आतंकी आते हैं. जवानों पर हमला करते हैं. हमारे जवान शहीद और घायल होते हैं. ये सारे आतंकी वहां से भाग निकलते हैं. बताते हैं कि एक आतंकी झेलम से कूदकर भागा.
आपके दिमाग की नसें अगर कौंधने लगी हैं, तो ठहरिए. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पहले हुए आतंकी हमले में भारत सरकार और आर्मी फेल हुई है. वजह हम बताते हैं. सारे आतंकी भाग गए. हमारे एक जवान को शहीद कर. हमारे 3 जवानों को घायल कर. और आप कहते हैं कि आतंकी साजिश नाकाम हुई. अगर आप उड़ी हमले से तुलना कर रहे हैं, तो हां यकीनन ये साजिश नाकाम हुई. 'रात का अंधेरा था, जवान क्या करते' वाला लॉजिक देने जा रहे हैं. तो फिर अमावस्या रात की सर्जिकल स्ट्राइक याद कीजिए. जिसकी खबर मिलते ही हम सब सीना फुलाए घूम रहे थे.
ये पूरी तरह से खुफिया एजेंसियों, सरकार और आर्मी इंटेलिजेंस का फेलियर है. 'हम पूरी तरह से मुस्तैद हैं. हर हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा' बयान देने वालों को शहीद नितिन कुमार की तस्वीर और अस्पताल में पड़े घायलों को देख लेना चाहिए. इनके और जवानों के परिवार का चेहरा आपको बताएगा कि फेल आतंकी साजिश नहीं, आप हुए हैं.
जब ये आतंकी हमला हो रहा था, तब ट्विटर पर #Baramulla टॉप ट्रेंड था. पाकिस्तान और कुछ 'भटके हुए कश्मीरी' जिस एक लय में ट्वीट कर रहे थे, उसका लब्बोलुआब ये था,
'आतंकियों ने इंडिया को घर में घुसके मारा'
'इंडिया इसे कहते हैं सर्जिकल स्ट्राइक'
आहत करने वाले इन घटिया ट्वीट्स पर यकीनन आपको-हमें गुस्सा आना लाजिमी है, पर ये जान लीजिए. ये आज का कड़वा सच है. अजित डोभाल कुछ कीजिए. ये हमला हमारे 56 इंच के सीने में चुभ रहा है.
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