ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने शनिवार, 7 मार्च को ऐलान किया उनका देश पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करेगा. 6 मार्च को टेंपररी लीडरशिप काउंसिल में इस पर फैसला किया था. टीवी पर ईरानियों को संबोधित करते हुए पेजेश्कियान ने पड़ोसी देशों से माफी भी मांगी. ईरानी मीडिया के मुताबिक, उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरान का दूसरे देशों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है. इस बीच उन्होंने हमला ना करने पर एक शर्त भी रख दी.
ईरान पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करेगा, राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने माफी मांगी, लेकिन शर्त भी रख दी
Iran Israel War: ईरान ने पड़ोसी देशों पर हमला ना करने के लिए एक शर्त भी रखी है. यह फैसला टेंपररी लीडरशिप काउंसिल ने लिया है.


ईरान के सरकारी न्यूज चैनल प्रेस टीवी के मुताबिक, ईरान के प्रेसिडेंट पेजेश्कियान ने टीवी पर ईरानी लोगों को मैसेज देते हुए कहा,
"वे हमारे बिना शर्त सरेंडर करने के अपने सपनों को कब्र में ले जाएंगे. मैं पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं. हमारा दूसरे देशों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है."
यह जवाब उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस बयान पर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान को बिना शर्त सरेंडर करना होगा. पेजेश्कियान ने पड़ोस के अरब देशों पर हमला ना करने की एक शर्त का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा,
"टेंपररी लीडरशिप काउंसिल ने कल घोषणा की कि पड़ोसी देशों पर और हमले नहीं होंगे और कोई मिसाइल लॉन्च नहीं की जाएगी, जब तक कि उन देशों से ईरान के खिलाफ हमला ना हो."
तो ईरानी राष्ट्रपति ने यह भी बता दिया कि ईरान पड़ोसी देशों पर कौन सी सूरत में हमला नहीं करेगा. अगर ईरान पर अरब देशों की जमीन से हमला नहीं हुआ, तो वो भी इन देशों पर अटैक नहीं करेगा.

28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले के बाद ईरान ने क्षेत्र के अरब देशों को निशाना बनाया था. जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इजरायल समेत अरब देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर जमकर मिसाइलें दागीं. ईरान के हमलों ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत, कतर, जॉर्डन, बहरीन और इराक में काफी नुकसान पहुंचाया. इनमें कई लोग मारे गए और घायल भी हुए.
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