वेस्ट एशिया की जंग से तेल की कीमतों में आग भड़की हुई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप चिंता में डूबे हुए हैं. जैसे कहते हैं, 'डूबे को तिनके का सहारा', कीमत कंट्रोल करने के लिए ट्रंप सरकार सभी देशों से रूस का तेल खरीदने के लिए कह रही है. अब ईरान ट्रंप के इस कदम की खिल्ली उड़ा रहा है. ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका अब दुनिया के देशों से रूसी तेल खरीदने के लिए 'भीख' मांग रहा है, जिसे रोकने की कोशिश कभी उसने खुद की थी.
'भारत और दुनिया से भीख मांगने लगा अमेरिका,' रूसी तेल पर ईरान ने ट्रंप सरकार की खिल्ली उड़ाई
Iran के Foreign Minister Seyed Abbas Araghchi ने कहा कि अमेरिका हमेशा इसी जुगत में लगा रहता था कि Russian Oil खरीदने से बाकी देशों को कैसे रोका जाए. लेकिन अब खुद ही सबसे रूसी तेल खरीदने की गुहार लगा रहा है.


विदेश मंत्री अराघची ने X पर एक पोस्ट में अमेरिका को आड़े हाथों लिया. 14 मार्च को उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल खरीदने से रोकने के लिए महीनों तक दबाव डाला था. उन्होंने कहा कि अब जब ईरान के साथ तनाव के कारण तेल बाजारों पर दबाव बढ़ रहा है, तो अमेरिका खुद ही दूसरे देशों से रूसी तेल खरीदने की गुहार लगा रहा है. अमेरिका ने कारण ये दिया कि इससे कीमतों को स्थिर रखा जा सकेगा.
अराघची के शब्दों को मानें तो तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल पहुंचते ही सुपरमैन ने तुरंत क्लार्क केंट का रूप ले लिया. जैसे किसी ने उसके सामने क्रिप्टोनाइट रख दिया हो. अमेरिका पर निशाना साधते हुए विदेश मंत्री अराघची ने एक्स पर लिखा,
अमेरिका ने भारत पर दबाव डालकर रूस से तेल का आयात बंद करवाने में महीनों बिता दिए. ईरान के साथ दो हफ्ते चले युद्ध के बाद, अब वाइट हाउस भारत समेत पूरी दुनिया से रूसी कच्चा तेल खरीदने के लिए भीख मांग रहा है.

अराघची ने यूरोप को भी घसीटा. उन्होंने आरोप लगाया कि रूस के खिलाफ अमेरिकी समर्थन हासिल करने की उम्मीद में यूरोपीय देश ईरान के खिलाफ एक 'गैर-कानूनी युद्ध' का समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने लिखा,
यूरोप को लगा कि ईरान के खिलाफ अवैध युद्ध का समर्थन करने से उन्हें रूस के खिलाफ अमेरिका का समर्थन मिल जाएगा. कितनी दयनीय बात है.
ईरानी विदेश मंत्री ने ये टिप्पणियां करते हुए 'फाइनेंशियल टाइम्स' अखबार की खबर का स्क्रीनशॉट शेयर किया. अखबार की हेडलाइन में बताया गया था कि तेल की बढ़ती कीमतें रूस की आमदनी में भारी इजाफा कर रही हैं.

13 मार्च को अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक X पोस्ट में बताया था कि अमेरिका ने सभी देशों को समुद्री रास्तों पर फंसा रूसी तेल खरीदने की इजाजत दे दी है. उन्होंने दावा किया था कि यह इंतजाम थोड़े समय के लिए किया गया है, जिसका रूस का ज्यादा फायदा नहीं मिलेगा.
वीडियो: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जान जोखिम में डालकर निकाले जा रहे फंसे जहाज?


















.webp?width=120)


.webp?width=120)
