बेतोड़ कगीसो रबाडा साउथ अफ्रीका से आया मेरा दोस्त. कगीसो रबाडा की गेंदबाजी देखकर विकेट के पीछे खड़े ऋषभ पंत यही गाना गा रहे होंगे. क्या मजेदार गेंदबाजी करता है ये धांसू बॉलर. छठे ओवर में गेंदबाजी करने आए और पहले ओवर की 5 गेंदों पर चार रन दिए थे. छठी गेंद फेंकी तो डिविलियर्स को निपटा गए. फिर हाथ लगा 18वां ओवर और पहली ही गेंद पर कोहली को हवा में शॉट खेलने के लिए लालायित किया और कोहली ट्रैप में फंस गए. 41 रन बनाकर आउट हुए. फिर इस ओवर की तीसरी गेंद पर अक्षदीप नाथ और आखिरी गेंद पर पवन नेगी को लेते गए. इस तर रबाडा ने रॉयल्स की 8 में से चार विकेट अपने नाम कर लीं. 4 ओवरों के अपने कोटे में 21 रन देकर 4 विकेट लिए जो बेंगलोर को 150 भी पार करने न देने के लिए काफी था.

रबाड़ा मैन ऑफ द मैच रहे.
बेंगलोर-बल्लेबाजी= छठी हार बेंगलोर की हार की दूसरी वजह वहीं है जो पिछले 5 मैचों से नहीं बदली है. यानी इनकी बैटिंग ही नहीं चल रही है. कोहली के 41 के अलावा सिर्फ मोइन अली के बल्ले से 18 में 32 रन निकले. बाकी किसी के बल्ले में कोई करंट ही नहीं दिख रहा. पार्थिव पटेल ने सिर्फ 9 रन बनाए, डिविलियर्स भी ढीले पड़ते दिखे, सिर्फ 17 रन बनाए, स्टोइनिस ने 15, अक्षदीप ने 19 और पवन नेगी ने 0 रन बनाए. खत्म है ये टीम. कोई पार्टनरशिप नहीं. कोई स्पार्क नहीं बचा है. कोई रेस्पॉन्सिबिलिटी लेने वाला नही हैं.

कोहली से लोग पूछ रहे हैं भाई हो क्या गया है?
बॉलिंग भी पिटी अब जब हर चीज खराब चल रही हो तो बॉलिंग से क्या ही उम्मीद रखते कप्तान कोहली. टिम साउदी से लेकर युजी चहल और पवन नेगी से लेकर मोहम्मद सिराज. कोई नहीं चला. बस आखिर में नवदीप सैनी को 2 विकेट मिल गए मगर यहां भी बेंगलोर से ज्यादा दिल्ली की कमजोर एप्रोच को क्रेडिट जाएगा. किसी की गेंदबाजी मे धार नहीं दिखी. सारे हथियारों को मानों अब जंग लग गया है. दिल्ली के लिए चीजें इतनी आसान हो गईं कि उन्हें अपने नेट रन रेट में इजाफा करने में मदद मिली. मगर बेंगलोर की खराब बॉलिंग का फायदा उठाया दिल्ली के कप्तान श्रेयस अय्यर ने. 50 गेंदों पर 67 रनों की जबर पारी खेली और मैच एक ओवर पहले ही खत्म हो गया.

श्रेयस अय्यर अच्छे टच में हैं.
दिल्ली का डर यहां बेशक बेंगलोर मैच हार गई और वो बिल्कुल भी अच्छा नहीं खेले. मगर इस मैच में भी दिल्ली की एक कमजोरी साफ नजर आई. वो थी मैच फिनिस करते हुए गड़गड़ करने की गलती. जब जीत थाली में सजी हुई मिल रही थी उस वक्त में इन्होंने 2 रनों के भीतर अपने तीन विकेट खो दिए. हुआ ये कि दिल्ली ने 18वें ओवर तक तीन विकेट पर 145 पर तीन विकेट ही खोए थे. फिर श्रेयष का विकेट गिरा, 145/4 हो गया. फिर क्रिस मोरिस भी बिना रन बनाए आउट हो गए. स्कोर 145/5 हो गया और दो रन के बाद पंत भी निकल लिए. स्कोर 147/6 हो गया. यहां एक वक्त पर लगने लगा कि कहीं दिल्ली यहां रायता न फैला ले. क्योंकि वो पहले भी दो बार ऐसा कर चुके हैं. मगर बच ही गए.
खैर, दिल्ली जीत गई और बेंगलोर फिर हार गई. अब कोहली की टीम के लिए इस सीजन में बचे 8 के 8 मैच जीतने होंगे अगर उन्हें इस टूर्नामेंट में कुछ करना है तो. हो सकता है? टीम कोहली कर सकती है? आप क्या सोचते हैं, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.
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