पहले नंबर पर राजस्थान रॉयल्स के जयदेव उनाडकर हैं जिन्होंने कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ अपनी आखिरी 18 गेंदों पर 47 रन दिए थे.
दूसरे नंबर पर सनराइजर्स हैदराबाद के भुवनेश्वर कुमार जिन्होंने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 12 गेंदों में 45 रन दिए थे.
तीसरे नंबर पर चेन्नई सुपर किंग्स के ड्वेन ब्रावो का नाम है जिन्होंने मुंबई के खिलाफ 18 गेंदों पर 45 रन लुटाए थे.
चौथे नंबर पर किंग्स इलेवन पंजाब के हार्डस विल्जोन हैं जिन्होंने बेंगलोर के खिलाफ 12 गेंदों पर 43 रन दिए.

इतना तो ठीक था. मगर यहां इस ट्वीट के आंकड़ों को देखकर लोग कमेंट करने लगे. इस लिस्ट में जबसे ऊपर जिस बॉलर का नाम है, उससे लोग बड़े खफा हैं. नाम जयदेव उनाडकट है. पूरा साल खबरों से गायब रहते हैं मगर जब आईपीएल ऑक्शन होती है तो मोटी रकम पाने के लिए सुर्खियां बटोर लेता है. 2019 के लिए भी ये बॉलर राजस्थान रॉयल्स के पाले में 8.5 करोड़ रुपए में गया था. मगर परफॉर्मेंस के नाम पर निल बट्टे सन्नाटा. अभी तक 9 मैचों में 7 विकेट लिए हैं. पिछले साल भी 15 मैचों में 11 विकेट लिए थे. कहने का अर्थ ये कि उनाडकट अपने नाम के हिसाब से परफॉर्म नहीं करते हैं. मगर हैरानी तब होती है जब उनाडकर साल दर साल तगड़ी रकम पाकर भी परफॉर्म नहीं कर रहे हैं.

आईपीएल में उनाडकट कुछ खास नहीं कर पाए हैं.
अब मोहनदास मेनन के इस ट्वीट पर एक सज्जन ने पूछा कि क्या उनाडकट अगले सीजन की नीलामी में भी मौजूद रहेंगे? इस पर मोहनदास ने कहा, "वो तो कम से कम 2030 तक आईपीएल में खेल सकते हैं." फिर आगे के जवाब खुद पढ़ लीजिए. वहीं एक यूजर ने ये भी हैरानी जताई कि डेथ ओवरों में सबसे ज्यादा पिटने वालों में उमेश यादव का नाम क्यों नहीं है? मेनन की 2030 वाली बात में वो तंज है जो 27 साल के उनाडकट की सामान्य से नीचे की परफॉर्मेंस को दर्शाता है. अभी उनाडकट 27 साल के हैं और 2030 तक वो 38 साल के हो चुके होंगे.
खैर, यहां मेनन ने भी कम शब्दों में ज्यादा यही कहने की कोशिश की कि भाई उनाडकट अपनी आईपीएल में कीमत और उम्मीदों के हिसाब से परफॉर्म करो. नहीं तो लाइन में और भी कई टैलंटेड बॉलर इंतजार कर रहे हैं.
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