अमेरिका की एक अदालत ने भारतीय मूल के एक व्यक्ति को खतरनाक केमिकल की तस्करी का दोषी पाया है. गुजरात के रहने वाले इस शख्स पर फेंटानिल बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल की स्मगलिंग करने का आरोप था. कोर्ट ने उसे करीब साढ़े चार साल की जेल की सजा सुनाई है. साथ ही 24,560 डॉलर (23 लाख रुपये) का जुर्माना भी ठोका है. सजा पूरी होने के बाद दोषी को अमेरिका से बाहर निकाल दिया जाएगा.
गुजरात के शख्स ने 'विटामिन सी' के नाम पर US में जमाया ड्रग का धंधा, सजा के बाद भगाया जाएगा
37 साल के एक भारतीय शख्स को US में 54 महीने की जेल की सजा सुनाई गई है. शख्स को अमेरिका की एक अदालत ने Fentanyl Trafficking का दोषी पाया है. सजा पूरी होने के बाद उसे देश से भी निकाल दिया जाएगा.

दोषी की पहचान गुजरात के रहने वाले 37 साल के भावेश रणछोड़ भाई लाठिया के तौर पर हुई है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, भावेश ने अमेरिका में इस फेंटानिल ड्रग की तस्करी के लिए गुजरात स्थित अपनी कंपनी ‘रक्सुटर केमिकल्स’ का इस्तेमाल किया.
दरअसल, अमेरिका में नशे के आदी लोग फेंटानिल का सेवन अवैध ढंग से करते हैं. भावेश ने ड्रग को बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स को ‘विटामिन सी और एंटासिड’ बताकर तस्करी की. रिपोर्ट में एक अमेरिकी अटॉर्नी ऑफिस के प्रेस नोट के हवाले से बताया गया कि बुधवार, 3 सितंबर को भावेश को एक कोर्ट ने सजा सुनाई. ये सजा साल 2031 में पूरी होगी, जिसके बाद उसे देश से निकाल दिया जाएगा.
केमिकल्स की तस्करी के आरोपों के आधार पर भावेश को जनवरी 2025 में न्यूयॉर्क में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद मामला कोर्ट में पहुंचा. करीब 1 साल के ट्रायल के बाद अप्रैल 2026 में उसने अपना जुर्म कबूल किया.
कोर्ट में पता चला कि भावेश ने मैक्सिको में अपने कस्टमर्स को फेंटानिल बनाने वाले केमिकल की सप्लाई की थी. और उसे इस बात की जानकारी थी कि इसका इस्तेमाल फेंटानिल बनाने के लिए किया जाएगा. दोषी पर यह भी आरोप थे कि उसने सूरत स्थित कंपनी इंटरनेशनल मेल और पैकेज कैरियर का इस्तेमाल किया था. और पुलिस से बचने के लिए गलत लेबल्स और कस्टम डिक्लेरेशन का भी इस्तेमाल करता था.
अमेरिकी अधिकारियों ने भावेश पर साल 2024 से ही नजर गड़ा रखी थी. जून 2024 में न्यूयॉर्क में एक एड्रेस पर ‘रॉक्सटर केमिकल्स’ के पैकेट पर ‘विटामिन सी’ लिखा था. लेकिन उस पैकेट के भीतर ‘ 1-boc-4-piperidone’ नाम का केमिकल था. इसका इस्तेमाल फेंटानिल बनाने के लिए किया जाता है. अमेरिका में इसकी खरीद फरोख्त पर प्रतिबंध है.
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रिपोर्ट के मुताबिक भावेश को रंगे हाथों पकड़ने के लिए अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशन ने बाकायदा एक अंडरकवर ऑपरेशन चलाया था. इसमें वो 20 किलोग्राम ‘1-boc-4-piperidone’ बेचने के लिए तैयार हो गया था.
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