एथेनॉल को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी देने के आरोप में मनीष कश्यप समेत चार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर एफआईआर हो गई है. नागपुर साइबर थाना पुलिस ने ये मामला दर्ज किया है, जिसमें मनीष कश्यप के अलावा देसी बॉयज, हर्षित राठी और अंकलेश इनवाते नामजद आरोपी हैं. नागपुर बीजेपी के सोशल मीडिया डिप्टी हेड शिशिर त्रिपाठी ने ये शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर पुलिस ने एक्शन लिया है.
एथेनॉल पर 'झूठ' फैलाना पड़ा भारी! मनीष कश्यप समेत 4 इन्फ्लुएंसर्स पर गिरी गाज, FIR दर्ज
नागपुर साइबर पुलिस ने एथेनॉल नीति को लेकर कथित भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में मनीष कश्यप, देसी बॉयज, हर्षित राठी और अंकलेश इनवाते के खिलाफ FIR दर्ज की है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बारे में झूठे दावे कर जनता को गुमराह किया.


इंडिया टुडे से जुड़े योगेश पांडेय की रिपोर्ट के मुताबिक, चारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 356, 352, 296 और IT एक्ट की धारा 67 के अंतर्गत मामले दर्ज किए गए हैं. आरोप है कि इन सभी इन्फ्लुएंसर्स ने सोशल मीडिया के जरिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और एथेनॉल को लेकर भ्रामक जानकारी प्रसारित की.
एफआईआर में त्रिपाठी ने कहा कि 3 जुलाई को वह नागपुर में अपने दफ्तर में काम कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने देखा कि सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की एथेनॉल (Ethanol) संबंधी नीति को लेकर मनीष कश्यप नाम के व्यक्ति के यूट्यूब अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया गया था. इसमें उन्होंने जनता का इंटरव्यू लेकर झूठी जानकारी पेश की. सरकार को बदनाम करने वाली और अपमानजनक टिप्पणियां कीं और झूठे आरोप लगाए. इससे सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका पैदा हुई.
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यूट्यूबर मनीष कश्यप पर FIR दर्ज
FIR में आगे कहा गया कि मनीष कश्यप ने अपने यूट्यूब चैनल पर ये दावा किया कि एथेनॉल से गाड़ी का इंजन खराब हो जाएगा. एथेनॉल के कारण पेट्रोल और महंगा हो जाएगा. इतना ही नहीं, ये भी कहा गया कि नितिन गडकरी जनता को गुमराह कर रहे हैं. शिकायत में आगे कहा गया कि कश्यप ने एथेनॉल के इस्तेमाल से हुए कथित नुकसान के उदाहरण दिखाकर आम लोगों के इंटरव्यू लिए और उनके जरिए गलत बयान दिलवाए गए. इस तरह से झूठी, भ्रामक और बदनाम करने वाली बातें फैलाई गईं.
एफआईआर में इसे मानहानि करने वाला और अपमानजनक बताया गया. इसी तरह 'desi_boysncr' नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट चलाने वाले शख्स पर भी आरोप लगाए गए. कहा गया कि उन्होंने अपने वीडियो में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के लिए गंदी गालियों का इस्तेमाल किया. साथ ही झूठी जानकारी फैलाकर जनता में भ्रम पैदा करके नितिन गडकरी की छवि खराब करने की कोशिश की. हर्षित राठी ने भी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर नितिन गडकरी की एथेनॉल नीति के संबंध में वीडियो शेयर किया. इस वीडियो में नितिन गडकरी पर अशोभनीय टिप्पणियां की गईं. अंकलेश इनवाते के वीडियो में भी नितिन गडकरी को ‘अपशब्द’ कहे गए.
शिकायत में आगे कहा गया कि इन चारों लोगों ने सार्वजनिक रूप से झूठे आरोप लगाकर, अपमानजनक टिप्पणियां करके नितिन गडकरी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है. इससे सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हुई है. इसलिए संबंधित YouTube और Instagram अकाउंट धारकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए. उनके मोबाइल फोन जब्त कर उनकी जांच की जाए और वीडियो-फोटो बनाने में इस्तेमाल किए गए डिवाइस भी जब्त किए जाएं.
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