अमेरिका ने भारत को गाजा पीस बोर्ड में शामिल होने का न्योता दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इस बोर्ड को बनाने का ऐलान किया था. यह बोर्ड फिलिस्तीन के गाजा क्षेत्र में शांति कायम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. इसका मकसद इजरायल और हमास के बीच युद्ध को खत्म करना है.
भारत को गाजा पीस बोर्ड में शामिल होने का न्योता, अमेरिका ने PM मोदी को भेजा पत्र
Board of Peace for Gaza में शामिल होने के लिए America ने India को न्योता भेजा है. कनाडा, तुर्की, मिस्र, पैराग्वे, अर्जेंटीना और अल्बानिया पहले ही कह चुके हैं कि उन्हें इनवाइट किया गया है. यह साफ नहीं है कि कुल कितने देशों को इनवाइट किया गया है.


अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने इसकी पुष्टि की है. वाइट हाउस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बोर्ड का हिस्सा बनने के लिए एक पत्र भेजा है. सर्जियो गोर ने X पर लिखा,
"गाजा में स्थायी शांति लाने वाले बोर्ड ऑफ पीस में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वाइट हाउस का निमंत्रण देते हुए सम्मानित महसूस कर रहा हूं. यह बोर्ड स्थिरता और समृद्धि हासिल करने के लिए प्रभावी शासन का समर्थन करेगा!"
गाजा पीस बोर्ड की स्थापना को ट्रंप ने अपनी शांति योजना के दूसरे चरण के रूप में पेश किया है, जो इजरायल और हमास के बीच संघर्ष को खत्म करने पर फोकस करता है. एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के अलावा रविवार, 18 जनवरी को कम से कम चार और देशों ने कहा कि अमेरिका ने उन्हें बोर्ड में शामिल होने के लिए इनवाइट किया है. इनमें जॉर्डन, ग्रीस, साइप्रस और पाकिस्तान शामिल हैं.

कनाडा, तुर्की, मिस्र, पैराग्वे, अर्जेंटीना और अल्बानिया पहले ही कह चुके हैं कि उन्हें इनवाइट किया गया है. यह साफ नहीं है कि कुल कितने देशों को इनवाइट किया गया है. उम्मीद है कि अमेरिका आने वाले दिनों में बोर्ड के सदस्यों की ऑफिशियल लिस्ट की घोषणा करेगा. शायद स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की मीटिंग के दौरान यह घोषणा हो सकती है.
बोर्ड के सदस्य गाजा में अगले कदमों की देखरेख करेंगे, क्योंकि 10 अक्टूबर 2025 को लागू हुआ सीजफायर अपने मुश्किल दूसरे फेज में जा रहा है. इसमें गाजा में एक नई फिलिस्तीनी कमेटी, एक इंटरनेशनल सिक्योरिटी फोर्स की तैनाती, हमास का निशस्त्रीकरण और युद्ध से तबाह इलाके का पुनर्निर्माण शामिल है.
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