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केजरीवाल की गिरफ्तारी पर जर्मनी का बयान आया, विदेश मंत्रालय भड़क गया!

द‍िल्‍ली शराब नीत‍ि मामले में मुख्‍यमंत्री Arvind Kejriwal को ईडी ने 21 मार्च को ग‍िरफ्तार कर ल‍िया था. उनको अब 28 मार्च तक ईडी की ह‍िरासत में रखा गया है.

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सीएम केजरीवाल की गिरफ्तारी पर जर्मन विदेश मंत्रालय की टिप्पणी पर भारत ने कड़ा एतराज जताया है. (तस्वीर-न्यूज एजेंसी ANI)

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर जर्मनी की ओर से की गई टिप्पणी पर भारत ने कड़ा ऐतराज जताया है. जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने 22 मार्च को कहा हमने इस मामले को नोटिस में लिया है. केजरीवाल को निष्पक्ष और सही ट्रायल मिलना चाहिए. इस बाबत भारत सरकार की तरफ से 23 मार्च को को जर्मन दूतावास के डिप्टी हेड जार्ज एनजवीलर को तलब किया.

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भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि, 

“आज नई दिल्ली में जर्मन मिशन के उप प्रमुख को बुलाकर हमारे आंतरिक मामलों पर उनके विदेश मंत्रालय की ओर से की गई टिप्पणी पर भारत सरकार ने कड़ा विरोध जताया है. हम ऐसी टिप्पणियों को हमारी न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमजोर करने के रूप में देखते हैं. भारत कानून के शासन वाला एक जीवंत और मजबूत लोकतंत्र है. अन्य लोकतांत्रिक देशों की तरह से भारत में कानून अपना काम करता है. इस मामले में भी कानून अपना काम करेगा. इस मामले में पक्षपातपूर्ण धारणाएं बनाना अनुचित है.”

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एनजवीलर को सुबह के वक्त साउथ ब्लॉक स्‍थ‍ित विदेश मंत्रालय कार्यालय से बाहर आते हुए नजर आए.

जर्मन विदेश मंत्रालय ने क्या कहा था?

CM केजरीवाल की गिरफ्तारी पर जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि 

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हमने इसे संज्ञान में लिया है. भारत एक लोकतांत्रिक देश है. हमें उम्मीद है कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और बुनियादी लोकतांत्रिक सिद्धांतों से संबंधित सभी मानकों में भी लागू किया जाएगा. केजरीवाल को निष्पक्ष सुनवाई का पूरा अधिकार है.

जर्मन विदेश मंत्रालय की ओर से आगे कहा गया था, 

आरोपों का सामना कर रहे किसी भी अन्य व्यक्ति की तरह केजरीवाल भी निष्पक्ष ट्रायल के हकदार हैं. उन्हें भी बिना किसी प्रतिबंध के सभी कानूनी रास्तों को चुनने का अधिकार है. वहां के प्रवक्ता ने यह भी कहा था कि निर्दोष होने के अनुमान कानून के शासन का एक प्रमुख तत्व है, और वो इस केस में भी लागू होना चाहिए.

केजरीवाल सरकार का जर्मनी कनेक्शन

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक जर्मनी भारत में जर्मन भाषा की पढ़ाई के लिए लंबे समय से कैंपेन कर रहा था. साल 2022 में दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन, जर्मनी को पार्टनर मिला. वहीं केजरीवाल सरकार ने जर्मनी के गोएथे इंस्टीट्यूट के साथ एक एग्रीमेंट साइन किया. इसके बाद दिल्ली के सरकारी स्कूलों में जर्मन भाषा की पढ़ाई शुरू हुई. ये एग्रीमेंट दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया और जर्मनी के राजदूत वॉल्टर जे लिंडनेर की मौजूदगी में हुआ था. 2022 में पंजाब के CM भगवंत मान भी जर्मनी के दौरे पर गए थे. वहां उन्होंने जर्मनी से पंजाब में निवेश करने की अपील की थी.

ED ने दिल्ली शराब नीति में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बीते 21 मार्च को गिरफ्तार किया था. अगले दिन राउज एवेन्यू कोर्ट ने 28 मार्च तक ED को केजरीवाल की रिमांड दे दी थी. ED ने CM केजरीवाल की दस दिन की रिमांड मांगी थी. हालांकि, अदालत ने जांच एजेंसी को 6 दिन का रिमांड दिया है. उन्हें 28 मार्च को दोपहर 2 बजे कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा. वहीं अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 'मैं इस्तीफा नहीं दूंगा. मैं स्वस्थ हूं और जेल से ही सरकार चलाऊंगा.'

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