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'ट्रंप की लिस्ट में PM मोदी टॉप पर,' अमेरिकी राजदूत बोले- 'हर देश को हथियार नहीं बेचते, पर भारत...'

US India Relations: भारत में अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने कहा कि नई दिल्ली और वॉशिंगटन के रक्षा संबंध गहरे भरोसे पर टिके हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत को सबसे भरोसेमंद साथी मानता है. उन्होंने PM Narendra Modi और Donald Trump की दोस्ती पर क्या कहा?

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फ्रांस में G7 समिट 2026 में पीएम नरेंद्र मोदी, अमेरिकी प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर. (X @USAmbIndia)

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  • अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका के रक्षा संबंध केवल हथियारों की खरीद-फरोख्त तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह गहरे भरोसे और सैन्य सहयोग पर आधारित है।
  • भारत-अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की दोस्ती और दोनों देशों के बीच लगातार हो रही मिलिट्री एक्सरसाइज मुख्य कारण हैं।
  • अगले कदम के रूप में, दिसंबर में फ्लोरिडा में G20 समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति पर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता और सैन्य सहयोग को और मजबूत किए जाने की उम्मीद है।

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच रक्षा संबंधों पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि यह रिश्ता सिर्फ हथियारों की खरीद-फरोख्त तक सीमित नहीं है. गोर ने भारत को एक भरोसेमंद पार्टनर बताया और कहा कि यह रिश्ता गहरे भरोसे पर टिका है. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका अपनी सबसे मॉडर्न मिलिट्री टेक्नोलॉजी शेयर करके भारत के साथ सैन्य सहयोग को और मजबूत करना चाहता है. इस बीच, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की दोस्ती पर भी बात की.

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'US को भारत पर भरोसा'

इंडिया टुडे के सीनियर जर्नलिस्ट रोहित शर्मा के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका दुनिया के हर देश को मिलिट्री का सामान नहीं बेचता है. उन्होंने कहा कि भारत उन देशों में शामिल है, जिन पर वॉशिंगटन भरोसा करता है. अमेरिका का मानना ​​है कि उसके पास ‘सबसे अच्छा सामान’ और ‘सबसे एडवांस्ड टेक्नोलॉजी’ है और वह भारत जैसे भरोसेमंद पार्टनर के साथ काम करने को एक ‘शानदार मौका’ मानता है. यूएस एंबेसडर सर्जियो गोर ने कहा,

"हमारे रक्षा संबंध सिर्फ बिक्री तक सीमित नहीं हैं. ये भरोसे के बारे में भी हैं."

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अपाचे हेलीकॉप्टर का जिक्र

सर्जियो गोर ने दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के उदाहरण के तौर पर ‘जैवलिन’ और ‘अपाचे हेलीकॉप्टर’ का जिक्र किया. उन्होंने कहा, 

"चाहे जैवलिन हों, या इस साल की शुरुआत में मिले अपाचे हेलीकॉप्टर हों, या फिर दूसरी चीजें जिन पर काम चल रहा हो… डिफेंस सेल्स के मामले में और भी बहुत कुछ हो रहा है."

सर्जियो गोर ने इस बात पर जोर दिया कि डिफेंस टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की सबसे अच्छी मिसाल भारतीय सेना का 'जैवलिन' खरीदने का समझौता है. यह कंधे से दागी जाने वाली एडवांस्ड एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम है. 

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'पीएम मोदी टॉप पर होंगे'

अमेरिकी एंबेसडर ने उम्मीद जताई कि दिसंबर में G20 समिट के लिए फ्लोरिडा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा मल्टीलेटरल मीटिंग से आगे जाएगा. ये बात अलग है कि अभी तक किसी बाइलेटरल मीटिंग की घोषणा नहीं हुई है. अमेरिका में होने वाली G20 समिट पर सर्जियो गोर ने कहा,

"अगर आप प्रेसिडेंट (डॉनल्ड ट्रंप) से पूछें, 'आपके पास 35 लोग आ रहे हैं. आप किसे देखना चाहते हैं?', तो प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) उस लिस्ट में टॉप पर होंगे."

उन्होंने आगे कहा, "क्योंकि प्रेसिडेंट, प्रधानमंत्री को अपना दोस्त मानते हैं, इसलिए मुझे उम्मीद है कि उस दौरे में सिर्फ एक ग्रुप मीटिंग से ज्यादा कुछ होगा."

US के साथ सबसे ज्यादा मिलिट्री एक्सरसाइज

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका का रिश्ता मिलिट्री एक्सरसाइज और दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत से बने भरोसे पर भी टिका है. गोर ने कहा, 

"भारत किसी भी दूसरे देश के मुकाबले अमेरिका के साथ ज्यादा मिलिट्री एक्सरसाइज करता है और हमें भारत पर भरोसा है." 

इस दौरान उन्होंने राजस्थान में होने वाली अमेरिका-भारत की द्विपक्षीय 'युद्ध अभ्यास' एक्सरसाइज का जिक्र किया. 

वीडियो: US के राजदूत सर्जियो गोर का संकेत, भारत-अमेरिका के बीच होगी नई डील?

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