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बुलंदशहर के वायरल वीडियो में 'कुंदन' नहीं, 'मुल्लन' कहा जा रहा है :यूपी पुलिस

अपने एक और बयान से पलटी पुलिस, कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट से ही पता चलेगा कब कटी थी गाय.

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तीन दिन से बेहद वायरल हुआ है ये वीडियो.
बुलंदशहर में हुए बवाल से जुड़े वीडियोज सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं. ऐसा ही एक वीडियो फिल्म डायरेक्टर और पत्रकार विनोद कापड़ी ने ट्वीट किया था. जिसके बारे में हमने आपको पहले बताया था.
 विनोद कापड़ी के इस ट्वीट को कुमार विश्वास, अरविंद केजरीवाल जैसी हस्तियों ने रीट्वीट भी किया था. आगे विनोद कापड़ी ने ये वीडियो पुलिस को भी दिया था. इस वीडियो में कुछ लड़के ट्रॉली में कटी हुई गाय के टुकड़े भरकर लाए जाने की बात कर रहे हैं. सामने सड़क पर जली हुई गाड़ियां रखी हैं. आग धधक रही है. धुआं-धुआं हो रहा है. इसी वीडियो में आगे एक लड़का दूसरे लड़के से पूछता है कि (गाय) किसने काटी. वीडियो में आ रही आवाज बहुत साफ नहीं है. कई लोगों को ये शब्द 'कुंदन' लगता है, कई को 'कुल्लन' और कई को 'मुल्लन'.
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विनोद कापड़ी ने बाद में एक और ट्वीट भी किया जिसमें उन्होंने ये लिखा:
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पुलिस ने क्या कहा? 

मामले की जांच कर रही यूपी पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में 'मुल्लन' शब्द का प्रयोग किया गया है. टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक पुलिस का दावा है कि इस वायरल वीडियो में 'मुल्लन' शब्द का उल्लेख किया जा रहा है न कि 'कुंदन' का. TOI  में रोहन दुआ ने लिखा है कि 'मुल्लन' शब्द का प्रयोग अल्पसंख्यक समुदाय के संदर्भ में भी किया जाता है. जांच में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि बोलचाल की भाषा में 'मुल्लन' (मुल्ला) शब्द मुस्लिमों के लिए किया जाता है. सोशल मीडिया पर जो दावा किया जा रहा है कि इस वीडियो में 'कुंदन' शब्द का प्रयोग किया गया है जो कि निराधार है. हालांकि एक और बात है. टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़ मामले की जांच कर रहे अधिकारी भी इस बात पर एकमत नहीं हैं कि वीडियो में 'मुल्लन' शब्द का प्रयोग किया जा रहा है या 'कुंदन' का.
ये गोकशी वाली उस FIR की कॉपी है, जो योगेश ने लिखवाई थी. ये वाली FIR दर्ज हुई दोपहर 12.43 बजे. इसके करीब 45 मिनट बाद, दिन के डेढ़ बजे SHO सुबोध कुमार सिंह की लिंचिंग हुई.
ये गोकशी वाली उस FIR की कॉपी है, जो योगेश ने लिखवाई थी. ये वाली FIR दर्ज हुई दोपहर 12.43 बजे. इसके करीब 45 मिनट बाद, दिन के डेढ़ बजे SHO सुबोध कुमार सिंह की लिंचिंग हुई.

बयान से पलटी पुलिस

वहीं दूसरी तरफ जांच कर रहे अधिकारियों के एक और बयान ने पूरे मामले में नया ट्विस्ट ला दिया है. पुलिस का कहना है कि अभी इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता है कि खेत से बरामद कंकाल कितना पुराना है. इससे पहले पुलिस ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा था कि चिंगरावठी गांव के खेत से जो अवशेष बरामद हुए हैं वो 48 घंटे से अधिक पुराने हैं. यहां पढ़ें वो पूरी खबर.
 यूपी पुलिस के आईजी क्राइम एस के भगत ने इंडिया टुडे को बताया था कि खेत से बरामद गाय के अवशेष ताज़े नहीं थे. तकरीबन दो दिन पुराने थे. उनके मुताबिक, महाव गांव के खेत में जो कटी हुई गाय मिली, वो लगभग 48 घंटे पहले काटी गई थी. उनके शब्द थे,
"शुरुआती जांच के मुताबिक, ग्राउंड ज़ीरो (यानी महाव गांव का वो खेत) से बरामद गाय के अवशेष कम से कम 48 घंटे पुराने थे. जांच अभी जारी है. जांच पूरी हो जाने के बाद सारी चीजें साफ हो जाएंगी."
अब यूपी पुलिस अपने बयान से पलटती नजर आ रही है. पुलिस का कहना है कि अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है. फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. इसके आने के बाद ही किसी निर्णायक स्थिति पर पहुंचा जा सकता है.


वीडियो देखें:

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