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IAS पूजा खेडकर की ऑडी कार पुलिस ने जब्त की, गाड़ी में लाल-नीली बत्ती लगाई थी

Puja Khedkar ट्रेनी IAS हैं. उन पर पद का दुरुपयोग करने और अनुचित बर्ताव के गंभीर आरोप लगे हैं.

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पूजा खेडकर की ऑडी गाड़ी सीज़. (फोटो-आजतक)

ट्रेनी IAS अफसर पूजा खेडकर लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं. वो हाल ही में तब चर्चा में आईं जब उन पर ट्रेनिंग के दौरान अपने पद का दुरुपयोग करने और अनुचित बर्ताव के गंभीर आरोप लगे. साथ ही उन्होंने अपनी निजी गाड़ी (ऑडी) पर सायरन, VIP नंबर प्लेट और ‘महाराष्ट्र सरकार’ का स्टिकर लगाया.  इसको लेकर काफी विवाद भी हुआ. प्रोबेशनरी IAS अफ़सरों को ऐसी सुविधा नहीं मिलती. अब खबर है कि महाराष्ट्र की पुणे ट्रैफिक पुलिस ने IAS पूजा की ऑडी कार को जब्त कर लिया है.

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आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, IAS पूजा खेडकर पुणे में पोस्टिंग के दौरान जिस ऑडी गाड़ी से पुणे कलेक्ट्रेट जा रही थीं, उसे पुलिस ने सीज कर दिया है. पुलिस के मुताबिक, खेडकर परिवार के ड्राइवर ने शनिवार 13 जुलाई को पुणे के ट्रैफिक पुलिस स्टेशन जाकर ऑडी की चाबी पुलिस को सौंप दी. हालांकि पुलिस का कहना है कि फैमिली ने अबतक गाड़ी के डॉक्यूमेंट नहीं सौंपे हैं.  

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IAS पूजा खेडकर की ऑडी कार में लाल-नीली बत्ती अवैध तरीके से लगी थी. गाड़ी की प्लेट VIP नंबर की थी. निजी वाहन पर इस तरीके के नंबर लगाना मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन है. इसके अलावा पूजा ने बिना किसी इजाजत के अपनी गाड़ी पर ‘महाराष्ट्र सरकार’ भी लिखवा रखा था. वहीं, ऑडी कार एक प्राइवेट इंजीनियरिंग कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड बताई गई है.

इस प्रकरण के सामने आने के बाद RTO ने गुरुवार 11 जुलाई को इंजीनियरिंग कंपनी को नोटिस जारी किया. RTO के एक अधिकारी ने शुक्रवार 12 जुलाई को बताया कि पुणे RTO ने पुणे स्थित एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को नोटिस जारी किया है, जिसके नाम पर नंबर वाली ऑडी रजिस्टर्ड है. नोटिस में कंपनी को जांच के लिए ऑडी कार को तुरंत RTO में पेश करने के लिए कहा गया था. ऑडी कार के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 177 के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है. कार के ऊपर से लाल-नीली बत्ती और महाराष्ट्र सरकार का स्टीकर हटा दिया गया है. 

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इसके अलावा गाड़ी पर 21 ट्रैफिक चालान भी किए गए. नियमों के उल्लंघन के मामलों में 26 हजार रुपय के जुर्माना भी लगा.  जब नोटिस जारी किया गया था तब पूजा खेडकर की ऑडी कार पर 26 हजार रुपए का चालान बकाया था. 2022 से अब तक तेज गति से गाड़ी चलाने, सिग्नल तोड़ने और पुलिस के पूछने पर रुकने से इनकार करने जैसे ट्रैफिक रूल्स तोड़ने को लेकर ऑडी के 21 चालान पेंडिंग थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब चालान का भुगतान कर दिया गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय मोटर व्हीकल रूल्स (CMVR) 1989 की धारा 108 के अनुसार, राज्य सरकार वीआईपी, वीवीआईपी और सरकारी अधिकारियों को आधिकारिक वाहनों पर लाल या एम्बर बत्ती के उपयोग की अनुमति दे सकती है. वहीं, दिसंबर 2013 में, राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर लालबत्ती का उपयोग करने के हकदार सरकारी पदों की सूची में कटौती की और 2014 में एक संशोधित सूची प्रकाशित की. इसके बाद, अक्टूबर 2014 में, परिवहन आयुक्त कार्यालय ने विभिन्न विभागों से उन अधिकारियों के वाहनों पर से लालबत्तियां हटाने को कहा था जो उनका उपयोग करने के हकदार नहीं हैं. सूची के अनुसार, केवल राज्य सरकार में सचिव स्तर से ऊपर के शीर्ष अधिकारियों, पुलिस महानिरीक्षक और क्षेत्रीय आयुक्तों के रैंक के पुलिस अधिकारियों को बिना फ्लैशर के एम्बर बत्ती के उपयोग करने की अनुमति है, जबकि शीर्ष स्तर के जिला अधिकारी नीली बत्ती के उपयोग के हकदार हैं.
 

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