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हिन्दू युवा वाहिनी का जिला अध्यक्ष दिवाली की रात बच्चों से गोलियां चलवाता रहा था

कहां तो पटाखों पर बैन था. कहां ये हज़रत अपने ही तरीके से दिवाली मना रहे थे.

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फोटो - thelallantop
दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री पर बैन लगाया था. कारण ये दिया था कि एक दिवाली की रात में इतने पटाखे फटते हैं कि इलाका धुआं-धुआं हो जाता है. बात भी सही थी. साल 2016 की दिवाली ने बहुत से सवालों को जन्म दिया था. खैर, कुछ लोग इस फ़ैसले के विरोध में भी आ गए. उन्हें ये फ़ैसला धर्म विरोधी मालूम दिया. लोग कहते हैं कि हम मज़ेदार तरीके से खबर लिख देते हैं. लेकिन कई बार बात ही इतनी मज़ेदार होती है. जैसे ये धर्म विरोधी फ़ैसले वाली बात. खैर, मसला ये भी नहीं है. मसला ये है कि एक जनाब तो पटाखों से ही ऊपर उठ गए. और उन्होंने वो काम किया जो गैर कानूनी घोषित ही है. इस बार से नहीं बल्कि न जाने कबसे. जीतेंद्र त्यागी नाम के एक आदमी ने गाज़ियाबाद में हवाई फायरिंग की. सिर्फ इसलिए क्यूंकि उस दिन दिवाली थी. उत्तर प्रदेश में हर्ष फायरिंग गैर कानूनी है.
जीतेंद्र त्यागी असल में हिन्दू युवा वाहिनी का जिला अध्यक्ष है. ये वही हिन्दू युवा वाहिनी है जिसे स्वयं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अप्रैल 2002 में बनाया था. हिन्दू युवा वाहिनी ज़ोर शोर से गोरक्षा, इति रोमियो स्क्वायड वगैरह में संलिप्त पाई जाती रही है. और इसी के जिला अध्यक्ष जीतेंद्र त्यागी का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वो सरेआम गोलियां चला रहे हैं.
जीतेंद्र यादव सिर्फ गोलियां चलाने तक ही नहीं रुका. वीडियो में उसे नाबालिग बच्चों से गोलियां चलवाते देखा जा सकता है. दो लड़कियों को गोली चलाते देखा जा सकता है और ये सारा काम जीतेंद्र त्यागी की देख-रेख में संपन्न होता दिखाई दे रहा है. वीडियो देखिये:

जीतेंद्र त्यागी की कहानी भी कम मज़ेदार नहीं है. ये वही बदमाश है जिसे दादरी काण्ड के हफ़्ते भर बाद दादरी जाते वक़्त गिरफ़्तार कर लिया गया था. गिरफ्तारी से ठीक पहले इसने कहा था कि ये दादरी में रहने वाले हिन्दुओं को धन और हथियार मुहैया करवाएगा. याद दिला दिया जाए कि दादरी वही जगह है जहां अख़लाक़ को फ्रिज में गाय का मांस रखने के शक में गांव वालों ने पीट-पीट कर मार दिया गया था. ये वही जगह है जहां अख़लाक़ को मारने वाले आरोपी की लाश को तिरंगे में लपेट के रखा गया था. ये एक ऐसा सम्मान है जो सैनिकों को और राजनेताओं को मिलता है.
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अख़लाक़ को मारने का आरोपी रवि सिसोदिया

इसके अलावा जीतेंद्र त्यागी को योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बनने पर बिना इजाज़त जुलूस निकालने के बाद गिरफ़्तार कर लिया गया था. इन्होंने 3,000 लोगों की भीड़ के साथ जुलूस निकालने की कोशिश की थी और साथ ही जुलूस में काफी मोटरसाइकिलें और कार शामिल थीं.


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