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मंदिर गिरा, देवी की मूर्ति टूटी, भारत ने कहा- 'बांग्लादेश सरकार ने मंदिर को नष्ट होने दिया'

Bangladesh Railways के Dhaka डिवीजन के कमिश्नर और डिवीजन इस्टेट ऑफिसर ने इस हफ्ते की शुरुआत में Hindu Temple को लेकर एक आदेश जारी किया था.

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बांग्लादेश का हिंदू मंदिर जिसे तोड़ दिया गया (PHOTO-India Today)

भारत ने 26 जून को ढाका में एक मंदिर (Hindu Temple Vandalised in Bangladesh) के गिराए जाने पर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रति 'निराशा' व्यक्त की है. भारत ने कहा कि हिंदुओं, उनकी संपत्तियों और धार्मिक संस्थानों की रक्षा करना बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी है. ये बयान तब आया है जब बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक हिंदू मंदिर को भारी विरोध के बीच ध्वस्त कर दिया गया.

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क्या है पूरा मामला?

बांग्लादेश के ढाका में खिलखेत दुर्गा मंदिर है. कथित तौर पर इस मंदिर को रेलवे की जमीन पर बनाया गया था. 27 जून, 2025 को  हिंदू समुदाय के विरोध के बीच भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में मंदिर को बुलडोजर से गिरा दिया गया. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश रेलवे के ढाका डिवीजन के कमिश्नर और डिवीजन इस्टेट ऑफिसर ने इस हफ्ते की शुरुआत में मंदिर हटाने को लेकर एक आदेश जारी किया था. 

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर को हटाने के लिए ढाका के पुरबाचल आर्मी कैंप से बुलडोजर मंदिर परिसर में पहुंचे. हिंदू महिलाएं और पुरुष मंदिर के सामने बैठ गए और विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन सेना के जवानों ने उन्हें हटा दिया, जिसके बाद मंदिर को ढहा दिया गया. देश के अलग-अलग हिंदू संगठनों के एक साझा संगठन बांग्लादेश सम्मिलित सनातनी जागरण जोत ने 27 जून को मंदिर विध्वंस के खिलाफ ढाका के शाहबाग इलाके में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है. संगठन ने एक साझा बयान जारी कर कहा 

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हम इस बर्बरता से स्तब्ध हैं. हम सरकार के इस घृणित सांप्रदायिक व्यवहार से दुखी और गुस्से में हैं.

भारत ने जताया विरोध

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ढाका में दुर्गा मंदिर को नष्ट करने के लिए बांग्लादेशी अधिकारियों की आलोचना की है. उन्होंने कहा, 

हमें पता है कि चरमपंथी ढाका के खिलखेत में दुर्गा मंदिर को ध्वस्त करने के लिए शोर मचा रहे थे. अंतरिम सरकार ने मंदिर को सुरक्षा देने के बजाय इस घटना को अवैध कब्जे के रूप में पेश किया और उन्होंने आज मंदिर को नष्ट होने दिया.

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प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आगे कहा 

इससे देवता को नुकसान पहुंचा और मूर्ति को कहीं और स्थानांतरित करने से पहले ही उसे नष्ट कर दिया गया. हम इस बात से निराश हैं कि बांग्लादेश में ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं.

भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध बीते एक साल से काफी बिगड़ गए हैं. मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर हमलों को रोकने में नाकाम रही है. 5 अगस्त, 2024 को सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद अपदस्थ की गईं प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी. मई 2025 में ही बांग्लादेश से संबंधों में गिरावट के बाद मई में भारत ने पूर्वोत्तर भारत और विदेशों में निर्यात किए जाने वाले बांग्लादेशी उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था.

(यह भी पढ़ें: बांग्लादेश के नए करेंसी नोटों से शेख मुजीबुर्रहमान गायब, एक पर तो हिंदू मंदिर की तस्वीर)

इसके अलावा बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने पूर्वोत्तर भारत के राज्यों को लेकर एक बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि भारत के पूर्वोत्तर के राज्य 'जमीन से घिरे हैं. उनके पास बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है. इस बयान के बाद भारत-बांग्लादेश के रिश्ते और भी खराब हो गए थे.

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