रामनवमी के दिन देश के कई इलाकों में हिंसा की घटनाएं सामने आईं. महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, पश्चिम बंगाल और दूसरे राज्यों से में हिंसक झड़पें हुई. उत्तर प्रदेश के आगरा में भी रामनवमी के दिन "हिंसा की साजिश" रची गई. इसके लिए बकायदा गाय को कटवाया गया. लेकिन ये साजिश नाकाम हो गई. यूपी पुलिस ने बताया है कि इसके जरिये सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की थी. फिलहाल पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है.
"रामनवमी पर हिंसा भड़काने की साजिश", हिंदू महासभा के लोगों पर गोहत्या का आरोप
रामनवमी के एक दिन पहले हुई थी प्लानिंग.


इंडिया टुडे से जुड़े सिराज कुरैशी की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी पुलिस ने जानकारी दी है कि इस साजिश में हिंदू महासभा के कुछ लोग शामिल थे. आगरा पुलिस ने रामनवमी के दिन ही गाय काटने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया था. इन सभी को आगरा के एत्माद्दौला थाना इलाके में गौतम नगर से पकड़ा गया था. जानकारी के अनुसार इसमें हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय जाट का नाम मुख्य साजिशकर्ता के रूप में आया है. इसके अलावा संगठन के कई लोग इसमें शामिल थे.
पुलिस के मुताबिक, हिंदू महासभा के ही कुछ कार्यकर्ताओं ने जितेंद्र कुशवाहा (स्थानीय नेता) और संजय जाट के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई. आरोप लगाया कि वे लोग रामनवमी के दिन सांप्रदायिक सदभाव बिगाड़ने के लिए गाय काटने की साजिश रची थी. वहीं संजय जाट ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा कि उन्हें हिंदू महासभा के कुछ अधिकारी जानबूझकर फंसाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच CID को करनी चाहिए. जाट के मुताबिक वो इन अधिकारियों के खिलाफ योगी आदित्यनाथ से शिकायत करेंगे.
आगरा पुलिस के डीसीपी सूरज राय ने मीडिया को बताया कि 30 मार्च को गाय काटने की जानकारी मिली थी. दो आरोपी इमरान और शानू को गिरफ्तार किया गया है. इन दोनों के खिलाफ पहले से 6 केस दर्ज हैं. दोनों ने पूछताछ में बताया कि इस साजिश में उनके साथ तीन और लोग थे जो घटनास्थल पर मौजूद थे.
"29 मार्च की रात प्लानिंग हुई"आगरा पुलिस ने इस मामले में 6 अप्रैल को एक प्रेस नोट जारी किया था. इस प्रेस नोट में पुलिस ने हिंदू महासभा का नाम नहीं लिखा. इसके मुताबिक, आरोपी शानू ने पुलिस को बताया कि 29 मार्च की रात को ही गाय काटे जाने की प्लानिंग हुई थी. ये प्लानिंग नकीम और उसके दोस्तों को फंसाने के लिए की गई थी. उसने बताया कि गौतम नगर में खाली मैदान में बहुत सारी गाय घूम रही थी. वहीं से गाय को पकड़कर काटने की प्लानिंग हुई. इसकी जानकारी सौरभ शर्मा, ब्रिजेश भदौरिया और अजय को दी गई जो इस प्लानिंग में शामिल थे. ये तीनों शानू और इमरान की मदद कर रहे थे.
पुलिस नोट में आरोपियों के हवाले से लिखा गया कि प्लानिंग के तहत ही अगले दिन 30 मार्च को गाय काट दी गई. इसके बाद सौरभ शर्मा, ब्रिजेश भदौरिया और अजय ने गाय काटने की जानकारी दूसरे हिंदूवादी नेताओं को दे दी. आरोपियों ने बताया कि इसमें संजय जाट की मुख्य भूमिका रही. वहीं घटनास्थल पर सौरभ शर्मा, ब्रिजेश भदौरिया और अजय ने माहौल बना दिया कि इसे नकीम, उसके भाई बिज्जो और रिजवान ने अंजाम दिया. क्योंकि इन सबकी उनसे पुरानी दुश्मनी थी.
फिलहाल, हिंदू महासभा के किसी सदस्य की गिरफ्तारी नहीं हुई है. पुलिस ने कहा है कि आगे की जांच की जा रही है.
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