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हेमा मालिनी से बात करते हुए क्यों हिचक रहे थे अटल बिहारी!

जवाब खुद हेमा ने बताया है.

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अटल बिहारी वाजपेयी और हेमा मालिनी

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को एक फिल्म इतनी पसंद आई कि उन्होंने वो फिल्म 25 बार देखी. और ये फिल्म हेमा मालिनी की थी. ये बात खुद हेमा मालिनी ने बताई इसी साल अप्रैल में बताई थी. उन्होंने ये भी बताया कि कैसे वो मां की लिखी स्पीच बीजेपी की एक सभा में बोलकर स्टार प्रचारक बन गईं.

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हेमा मालिनी ने बताया, 'मुझे राजनीति में लाने और ख़ास तौर पर बीजेपी में लाने का क्रेडिट एक तरह से एक्टर विनोद खन्ना को जाता है. विनोद खन्ना गुरुदासपुर से सांसद थे. और 1999 में दूसरी बार लोकसभा का चुनाव लड रहे थे. तब उन्होंने मुझे अपने यहां प्रचार करने के लिए बुलाया था.'

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हेमा मालिनी कहती हैं, 'उस वक़्त बीजेपी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने उनके लिए प्रचार करने को कहा था. जब मां ने लालकृष्ण आडवाणी का नाम सुना तो उन्होंने प्रचार करने की इजाज़त दे दी. और तब मां ने ही भाषण लिखकर दिया था. जब मैं सभा में पहुंची तो वहां बहुत भीड़ थी. जिससे खुश होकर आडवाणी ने बिहार में भी प्रचार करने का न्योता दे दिया.'

हेमा मालिनी इस वक़्त मथुरा से बीजेपी सांसद हैं. वो कहती हैं कि उस पहली सभा के बाद वो अक्सर बीजेपी के प्रचार के लिए जाने लगीं. और 2003 में उन्हें राज्यसभा सदस्य बनाकर एक बड़ी ज़िम्मेदारी सौंप दी गई.

हेमा मालिनी बताती हैं, 'मुझे अच्छे से याद है कि एक बार मैंने पदाधिकारियों से कहा कि मैं सभाओं में जाती हूं और अपने भाषणों में अटल बिहारी वाजपेयी का ज़िक्र करती हूं, लेकिन उनसे कभी मिली नहीं. मुझे उनसे मिलवाइए. तब वो मुझे उनसे मिलाने ले गए. लेकिन मैंने महसूस किया कि अटल बिहारी वाजपेयी बात करने में कुछ हिचकिचा रहे हैं. इस पर मैंने वहां मौजूद एक महिला से पूछा, क्या बात है अटल जी ठीक से बात क्यों नहीं कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि असल में ये आपके बहुत बड़े फैन रहे हैं. इन्होंने 1972 में आई आपकी फिल्म 'सीता और गीता' 25 बार देखी है. आज अचानक आपको सामने पाकर हिचकिचा रहे हैं.'

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बीजेपी सांसद का कहना है कि इसके बाद तो मुझे जहां भी प्रचार के लिए बीजेपी की तरफ से बुलाया गया मैं वहां गई. गुजरात में नरेंद्र मोदी के लिए तो छत्तीसगढ़ में डॉ. रमन सिंह के प्रचार के लिए भी गई. संयोग से जहां गई वहां परिणाम भी अच्छे ही आए. बस बिहार में नही जीत सके. जिसका अफ़सोस है. कार्यकर्ता अच्छा काम कर रहे हैं. जिस वजह से बीजेपी जीत रही है.

https://www.youtube.com/watch?v=74Uxg_7riOE https://www.youtube.com/watch?v=iNcT57-vy5k
ये आर्टिकल दी लल्लनटॉप के साथी रहे असगर ने लिखा है.
 

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