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ये देश अब तूफान के हवाले हो चुका है

गरीबी में नेचर का कहर टूट पड़ा है.

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Reuters
समुद्र से लगे देश हैती में तूफान आया. तूफान का नाम था मैथ्यू. हजार लोग मर गये. सरकार अभी कब्र खोद रही थी तब तक कालरा का प्रकोप हो गया. क्योंकि पानी खराब हो गया था. 230 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाले तूफान ने पूरे साउथ हैती को बर्बाद कर दिया है. छोटा सा ये कैरिबियाई देश अभी तूफान से निपटने में लड़खड़ा रहा है. पर क्यों ऐसा हो रहा है?

आबादी एक करोड़ एरिया 27750 स्क्वायर किमी भाषा फ्रेंच धर्म ईसाई

उन्नीसवीं शताब्दी में हैती दुनिया का पहला ऐसा देश बना जो नेटिव लोग चला रहे थे. इन लोगों ने बड़े लंबे समय से काबिज फ्रेंच साम्राज्य और को उखाड़ फेंका था. पर इनकी आजादी बहुत महंगी पड़ी थी. इनको फ्रांस को बहुत पैसा देना पड़ा था. क्योंकि फ्रांस ने देश को छोड़ने के बदले अपने स्लेव्स(गुलाम) की कीमत मांगी थी. ये पैसा इतना था कि आज तक पे नहीं हो पाया है. इस देश में राजनीतिक झंझट, तानाशाही और तूफान टाइम-टू-टाइम आते रहते हैं.
A woman carries a child as they walk in front of destroyed houses after Hurricane Matthew passes Jeremie
तूफान में घर छोड़कर भागते लोग

यहां के लोगों ने नेपोलियन की सेना को हराया था. उसके बाद इसे अमेरिका के चंगुल में रहना पड़ा था. 1947 आते-आते अमेरिका ने भी इसे छोड़ दिया. उसके बाद 1957 में पापा डॉक ने वहां की सत्ता हड़प ली. भयानक तानाशाही चली. इसके बाद उसका बेटा बेबी डॉक तानाशाह बन गया. 1986 में यहां एक भयानक विद्रोह हुआ और बेबी डॉक देश छोड़कर भाग गया. 1990 में यहां पहला चुनाव हुआ. जिसमें प्रीस्ट एरिस्टिडे प्रेसिडेंट बने. पर 1991 में मिलिट्री ने इनको हटा दिया.
1994 में दुनिया के जनतंत्र रक्षक अमेरिका ने अपनी 20 हजार की फौज यहां भेज दी. और एरिस्टिडे प्रेसिडेंट बनकर वापस आ गये. दस साल बाद यहां फिर विद्रोह हुआ. इसके बाद एरिस्टिडे को फिर देश छोड़ना पड़ा. यूएन की सेना फिर वहां आ गई.
2010 में एक भूकंप आया था. जिसमें 2 लाख से ज्यादा लोग मर गये थे. इसके चलते यहां चुनाव नहीं हो पाये. 2011 में चुनाव हुये. मिशेल मार्तेली प्रेसिडेंट बने. फिर 2013 में हैती की तरफ से उन्होंने यूरोपियन देशों से मांग की कि स्लेवरी के लिये इनको पे किया जाये. 2004 से यहां पर यूएन की पीसकीपिंग फोर्स रहती है. उसका खर्च अलग है.
इस गरीब देश में अब आये तूफान ने कहर मचा दिया है. चारों ओर इस बात की चर्चा तो है, पर देखना है कि क्या होता है.

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