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पद्मावत कम से कम चार बार ध्यान से देखो तो ये चीजें 8 दिखेंगी!

नोट- ये आर्टिकल पद्मावत देख चुके लोगों के लिए है. करणी सेना के डर से जो नहीं गए वो धीरज धरें.

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फोटो - thelallantop
भाईसाब पिच्चर लगने के चार दिन बाद देख ली. घर से मल्टीप्लेक्स की दूरी तय करने में पसीने छूट गए. ऐसा डर लग रहा था कि पूरे रास्ते करणी सेना ने माइन्स बिछा रखी हैं. अंदर जाकर पूरी फिल्म देखी. कसम स्वरा भास्कर की, आनंद आ गया. कइसा मास्टरपीस बनाया है भंसाली ने. फिल्म जायसी की रचना के साथ कितनी छेड़छाड़ किहिस है ये तो तब पता चलेगा जब जायसी वाली पढ़ लें. पूरी फिल्म देखने के दौरान कुछ बातें दिमाग में घूमती रहीं. ये फिल्म इतिहास की बजाय आज का चित्र पेश करती तो क्या होता. कुछ प्वाइंट्स में समेटने की इजाजत चाहूंगा.

1.

अफगानिस्तान के एक हॉल में अलाउद्दीन खिलजी शुतुरमुर्ग की जंजीर पकड़े चचा जलालुद्दीन के समक्ष उपस्थित होता है. चचा कहते हैं पहले अमेरिकी ट्रूप्स से अफगानिस्तान सुरक्षित करो, शुतुरमुर्ग बाद में सुरक्षित होगा.
जलालुद्दीन, जिसे अलाउद्दीन ने जलाने की बजाय खंजर से मरवा दिया
जलालुद्दीन, जिसे अलाउद्दीन ने जलाने की बजाय खंजर से मरवा दिया

2.

सिंहल देश में एक राजकुमारी है. सिंगल है. जंगल है. हिरन है. राजकुमारी हिरन के पीछे है. तीर मारती है तो चित्तौड़ के राजा के वहीं घाव लगता है जहां से वो मरे न. फिर राजा की सेवा करती है. राजा साहब होश में आते हैं तो उनसे माफी मांगते हुए कहती है कि "थैंक्यू, आपने मुझे वर्ष 1972 में बने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धारा 51 से बचा लिया. जिसके लिए तीन साल के कारावास और कम से कम 10 हजार रुपए जुर्माने की व्यवस्था है."
ऐसा तीर चला मेरे दिल पर जिसकी मार सही न जाय
ऐसा तीर चला मेरे दिल पर जिसकी मार सही न जाय

3.

राजा रतन सिंह के गले में बड़ा सा नेक कॉलर बंधा रहता है. पूरी फिल्म में. क्योंकि उनको एक भी सीन में गर्दन घुमाते नहीं देखा गया.
फोटोशॉप वाले लोग बाकी कामों में बिजी हैं. बन जाए तो देख लेना.
फोटोशॉप वाले लोग बाकी कामों में बिजी हैं. बन जाए तो देख लेना.

4.

अमीर खुसरो ट्विटर पर लगातार ट्रोल होते रहे. दरबारी कवि हैं. लोग उनकी खिलजी के साथ वाली फोटो पर मेमे बनाते रहते हैं.
(खुसरो की फोटो नहीं मिली.)

5.

रानी सा और राणा सा एकांत में होते हैं. तभी उन्हें पता चलता है कि झूमर में कैमरा लगा है. रात की रात सभी लोगों को बुलाते हैं. सबके स्मार्टफोन जमाकर गैलरी चेक की जाती है. राजपुरोहित पकड़ा जाता है.
नो कैप्शन
नो कैप्शन

6.

जब खिलजी की सेना बगावत करने वाली होती है तो वो अपने दिमाग का इस्तेमाल करता है. मंच पर चढ़कर जो धांसू स्पीच देता है कि सेना की फूंक सरक जाती है. फिर वो एकदम से भावुक हो जाता है. भीड़ मोदी मोदी...सॉरी सॉरी एक्स्ट्रीमली सॉरी, खिलजी खिलजी के नारे लगाने लगती है.
खिलजी की फौज
खिलजी की फौज

7.

फाइनल वॉर के लिए खिलजी दिल्ली से चित्तौड़ आता है. अपने साथ में गोला फेंकने वाला हथियार भी लाया है. चित्तौड़ के किले पर खड़े लोग देखते हैं और आपस में बात करते हैं- ये कौन सा शस्त्र है, हमने तो कभी देखा ही नहीं. फिर कैमरा ज़ूम करके हथियार दिखाता है तो उस पर एप्पल का लोगो लगा है. हर ओरिजनल चीज एप्पल वालों की बपौती है न.
एप्पल के हथियार
एप्पल के हथियार

8.

यही वाला हथियार आग के गोले फेंकता है. लेकिन किले की दीवारें टूटती नहीं. अंबुजा सीमेंट से जो बनी हैं.
पूरी फिल्म 3D चश्मा लगाकर देखी लेकिन समझ में नहीं आया कि इसमें 3D क्या है. लेकिन किले पर पड़ने वाले आग के टुकड़े देखे तो 3D का पैसा वसूल हुआ.


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