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मिसाल: चुनाव आयोग ने कर्नाटक के CM कुमारस्वामी की कार रुकवाकर तलाशी ले ली

इस दौरान CM ने क्या कहा, वो भी जानने लायक है.

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चुनाव आयोग के अधिकारियों ने एक चेक पोस्ट पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री की कार रोकी और तलाशी ली (फोटो: ट्विटर)
फलां देश का प्रधानमंत्री साइकल चलाकर दफ़्तर आता है. फलां देश का PM अपने हाथ से गिरी कॉफी खुद पोछा लगाकर साफ करता है. हम ऐसी खबरें पढ़ते हैं और आहें भरते हैं. हमारे यहां थोक के थोक वीआईपी हैं. सबको रेड कारपेट चाहिए. उनको मिलता भी है. ऐसे दिन और ऐसी रात में कर्नाटक से आई ये खबर थोड़ी अलग है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री H D Kumaraswamy का काफिला सड़क के रास्ते बेंगलुरु से शिवमोगा के लिए रवाना हुआ. सुबह के 9 बज रहे होंगे. रास्ते में हासन के पास नैशनल हाई-वे नंबर 75 पर एक चेक पोस्ट आया. वहां मुख्यमंत्री की कार रुकवाई गई. कार की तलाशी ली गई. उनके काफिले की बाकी गाड़ियां भी चेक की गईं. ये किया चुनाव आयोग के अधिकारियों ने. क्योंकि इलेक्शन का टाइम है. तो चुनाव आयोग से उम्मीद की जाती है कि वो सतर्कता बरते और चुनाव में किसी तरह का भ्रष्टाचार न होने दे. तलाशी लिए जाते समय कुमारस्वामी कार में आगे की सीट पर बैठे हुए थे. इसका एक वीडियो भी है, जिसमें कुमारस्वामी कह चेकिंग करने वालों से कह रहे हैं-
ठीक से लीजिए तलाशी. तस्वीरें खींचिए, वीडियो बनाइए और चुनाव आयोग के बड़े अधिकारियों के पास भेज दीजिए.
ये 3 अप्रैल की बात है. इसी दिन कांग्रेस ने इल्ज़ाम लगाया कि चुनाव आयोग ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के काफिले से कैश बरामद किया है. कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला ने मीडिया के सामने दो वीडियो रखे. इसमें चुनाव आयोग, स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों की मौजूदगी में कैश बरामद किया जा रहा है. कांग्रेस का दावा है कि यूथ कांग्रेस ने पासीघाट में एक शिकायत की थी. इसी के बाद आधी रात के समय ये औचक रेड डाली गई. कांग्रेस का आरोप है कि अरुणाचल में वोट के बदले पैसे बांट रही है बीजेपी. और जो पैसे बरामद हुए, वो उसी स्कैंडल का हिस्सा हैं.
कांग्रेस के AFSPA में संशोधन वाले चुनावी वादे के पीछे का गणित क्या है?

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