गुजरात (Gujarat) में वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat) फिर से मवेशियों से टकरा गई. ये दो दिनों में दूसरी ऐसी घटना है. गुजरात की ही. हादसे में ट्रेन के आगे के हिस्से में थोड़ा-बहुत डैमेज आया है. सवारियों में से किसी को चोट लगी हो, ऐसी कोई सूचना नहीं आई है. वहीं, रेलवे ने मवेशियों के मालिकों पर केस दर्ज करा दिया है.
फिर जानवर से टकराकर पिचक गई वंदे भारत, हुई FIR
एक ही पटरी पर, दो दिनों में दो हादसे.

इंडिया टुडे से जुड़ीं मिलन शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना वडोदरा मंडल में आणंद के पास की है. ट्रेन गांधी नगर से मुंबई जा रही थी. 7 अक्टूबर की दोपहर क़रीब पौने चार बजे ट्रेन के सामने एक गाय आ गई. टक्कर हो गई. हादसा के बाद, लगभग 10 मिनट तक ट्रेन को रोके रखा गया. ट्रेन को कोई ख़ास नुक़सान नहीं आया है. केवल फ्रंट कोच यानी ड्राइवर कोच के आगे के हिस्से में मामूली डेंट आया है. ट्रेन ठीक तरह से चल रही है.
क्या बोले रेल मंत्री?एक दिन पहले यानी 6 अक्टूबर को गुजरात में ऐसा ही एक हादसा हुआ था. सेम रूट पर. बस गांधीनगर से मुंबई की जगह, ट्रेन मुंबई से गांधी नगर आ रही थी. भैंसों के एक झुंड से टकरा गई. तब तो ट्रेन के आगे का हिस्सा ही टूट गया था. RPF ने भैंसों के मालिकों के ख़िलाफ़ मामला भी दर्ज कराया था. RPF इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा ने बताया था कि हादसे में चार भैंसों की मौत हो गई. रेलवे CPRO सुमित ठाकुर ने बताया था कि दुर्घटना के बाद से ही गांव वालों को समझाया जा रहा है कि वो अपने मवेशियों को ट्रैक के पास न छोड़ें. ये भी बताया था कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए रेलवे बाड़ लगाने का काम भी करेगा. और, अब ये दूसरी घटना हो गई.
हादसों पर रेल मंत्री की सफ़ाई भी आ गई है. गुजरात के आणंद में बोलते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पटरियों पर मवेशियों के साथ टक्करों से बचा नहीं जा सकता. और, कहा कि सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन को डिज़ाइन करते समय भी इस बात का ध्यान रखा गया है.
वतवा रेलवे स्टेशन पर तैनात RPF इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा ने बताया कि ताज़ा मामले में रेलवे एक्ट, 1989 की धारा 147 के तहत केस दर्ज कराया गया है. इस क़ानून में रेलवे के किसी भी हिस्से में अनधिकृत प्रवेश और उसकी संपत्ति के दुरुपयोग से संबंधित मामले दर्ज होते हैं.
वीडियो- रेल मंत्रालय ने बताया कहां तक पहुंचा है ‘बुलेट ट्रेन’ का काम













