The Lallantop

ईरान में बड़ा सुरक्षा फेरबदल, पूर्व IRGC प्रमुख मोहसिन रेज़ाई को मिली सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की कमान

Iran-US Conflict: ईरान ने पूर्व IRGC प्रमुख मोहसिन रेज़ाई को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का नया प्रमुख नियुक्त किया है. हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर जारी वार्ता के बीच ये बड़ा सुरक्षा फेरबदल हुआ है.

Advertisement
post-main-image
पूर्व IRGC प्रमुख मोहसिन रेज़ाई को ईरान ने सौंपा अहम जिम्मा (फोटो-AFP)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • तेहरान ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के पूर्व कमांडर मोहसिन रेज़ाई को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का नया प्रमुख नियुक्त किया है।
  • यह निर्णय मोहम्मद बाक़ेर ज़ोलक़द्र के इस्तीफ़ा देने और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने की बातचीत की पृष्ठभूमि में लिया गया।
  • इस नियुक्ति के बाद राजनयिक वार्ता में संभावित समझौता हो सकता है जिससे हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होगी।

तेहरान ने अपने सुरक्षा तंत्र में एक बड़ा बदलाव करते हुए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पूर्व कमांडर मोहसिन रेज़ाई को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) का नया प्रमुख नियुक्त किया है. प्रेसिडेंट मसूद पेज़ेश्कियान ने रविवार को इस फैसले का ऐलान किया. ये फैसला मोहम्मद बाक़ेर ज़ोलक़द्र के अपने पद से इस्तीफ़ा देने के बाद आया है.

Advertisement

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बातचीत के बीच बड़ा फैसला

ये नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय में हुआ है जब ईरान हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने को लेकर जारी बातचीत में शामिल है. इसके साथ ही युद्ध के दौरान कई शीर्ष अधिकारियों को खोने के बाद ईरान अपने सुरक्षा प्रतिष्ठानों को फिर से संगठित कर रहा है. राष्ट्रपति भवन के प्रवक्ता मेहदी तबातबाई ने X पर लिखा कि राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने ज़ोलक़द्र का इस्तीफ़ा स्वीकार करने के बाद मोहसिन रेज़ाई को इस शीर्ष निकाय की कमान सौंपी है.

सुप्रीम लीडर का मिला पूरा समर्थन

इस नियुक्ति के तुरंत बाद सुप्रीम लीडर आयतुल्ला मुज्तबा ख़ामेनेई ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के ज़रिए रेज़ाई की नई भूमिका का समर्थन किया. ख़ामेनेई ने कहा कि 8 साल के पवित्र रक्षा युद्ध के विजयी कमांडरों में से एक रहे डॉ. मोहसिन रेज़ाई के पास व्यापक अनुभव है. इसी अनुभव को देखते हुए उन्हें सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में प्रतिनिधि नियुक्त किया जा रहा है. उन्होंने ज़ोलक़द्र की सेवाओं की भी सराहना की.

Advertisement

कौन हैं मोहसिन रेज़ाई?

71 वर्षीय मोहसिन रेज़ाई 1981 से 1997 तक IRGC के कमांडर-इन-चीफ रहे हैं. उन्होंने ईरान-इराक युद्ध के सबसे महत्वपूर्ण दौर में सेना की अगुवाई की थी. ‘स्पेहा न्यूज’ (Sepah News) वे सुप्रीम लीडर के सैन्य सलाहकार की भूमिका भी निभा चुके हैं. हाल ही में उन्होंने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के रणनीतिक महत्व पर जोर देते हुए कहा था कि, 

इस जलमार्ग पर नियंत्रण दर्जनों परमाणु बमों से भी अधिक महत्वपूर्ण है. उन्होंने ये भी स्पष्ट किया था कि ईरान इस मार्ग से किसी भी अनाधिकृत आवाजाही की इजाज़त नहीं देगा.

ये भी पढ़ें: मोजतबा खामेनेई जंग के बाद पहली बार दिखे, ईरान ने VIDEO जारी कर दिया

Advertisement

ओमान की मध्यस्थता और अमेरिका का रुख

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए ओमान की मध्यस्थता में बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार जल्द ही एक समझौते की उम्मीद है, जिसके बाद वाशिंगटन ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटा सकता है. ये जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण कॉरिडोर माना जाता है.

वीडियो: ईरान ने जंग के बीच मोजतबा खामेनेई का पहला वीडियो जारी कर दिया

Advertisement